स्वर्णकार समाज ने राजपूती ठाट-बाट से निकाली भव्य गणगौर जलार्पण यात्रा
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। आस्था, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम बुधवार को बोरावड़ की सडक़ों पर देखने को मिला। मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज महिला मंडल बोरावड़ के तत्वावधान में गणगौर महापर्व के उपलक्ष्य में भव्य जलार्पण यात्रा निकाली गई। पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में सजी महिलाओं और मंगल ध्वनियों ने पूरे कस्बे को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का आगाज शाम 4 बजे श्री श्याम मंदिर प्रांगण से हुआ। यहाँ समाज की मातृशक्ति बड़ी संख्या में एकत्रित हुई। गणगौर माता के जयकारों और पारंपरिक लोक गीतों के साथ यात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई ऐतिहासिक गढ़ की ओर रवाना हुई।
यात्रा में महिलाएं पारंपरिक राजपूती परिधानों में नजर आईं, जो राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश कर रही थीं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य करती महिलाएं और हाथों में पूजा की थाली लिए युवतियां कस्बेवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। गढ़ पहुँचने पर महिला मंडल की संरक्षक सन्तोषदेवी, अध्यक्ष सुशीलादेवी तोषावड़ एवं समस्त कार्यकारिणी की गरिमामयी उपस्थिति में गणगौर माता की विशेष पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता को जल अर्पित कर समाज की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। अध्यक्ष सुशीलादेवी ने बताया कि उत्सव का सिलसिला अभी जारी है। शनिवार सुबह 10 बजे गणगौर माता की भव्य नगर भ्रमण यात्रा (शाही सवारी) निकाली जाएगी। उन्होंने समाज की समस्त महिलाओं से इस यात्रा में भी पारंपरिक वेशभूषा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शोभा बढ़ाने की अपील की है।