सुवाणा जैन ट्रस्ट की करोड़ों की जमीन पर फर्जी बेचान का आरोप, जैन समाज ने कलेक्टर से की इन्तकाल निरस्त करने की मांग
भीलवाड़ा, (बृजेश शर्मा) सुवाणा कस्बे स्थित जैन मंदिर ट्रस्ट की करोड़ों रुपये मूल्य की कृषि भूमि के कथित फर्जी बेचान और उसके बाद खोले गए इन्तकाल को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में जैन समाज के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के समक्ष पहुंचकर इन्तकाल निरस्त करने की अपील प्रस्तुत की।
उपासरा यति श्री केसरी चंद सम्पत्ति ट्रस्ट, शांतिनाथ जैन मंदिर (सांगानेरी गेट, कसारा बाजार, भीलवाड़ा) के अध्यक्ष नेम कुमार संघवी के नेतृत्व में मंत्री पारसमल कोठारी एवं जैन समाज सुवाणा के उपाध्यक्ष प्रकाश चपलोत जैन सहित अन्य प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि लगभग दो बीघा (0.5564 हेक्टेयर) कृषि भूमि, जो आराजी संख्या 1985 में दर्ज है, वर्तमान में जिला कलेक्टर के माध्यम से तहसीलदार भीलवाड़ा के अधिपत्य में आती है। इसके बावजूद 27 जनवरी 2026 को राजस्थान लैंड रेवेन्यू एक्ट की धारा 75 के तहत नामांतरण (इन्तकाल) खोला गया, जिसे ट्रस्ट ने नियम विरुद्ध बताते हुए निरस्त करने की मांग की है।
ट्रस्ट का आरोप है कि यति केसरी चंद गुरु जडाव चंद का निधन लगभग 70 वर्ष पूर्व हो चुका है, लेकिन उनके नाम से फर्जी आधार कार्ड (संख्या 749552530786) और पैन कार्ड (संख्या DLBP4908N) बनाकर जमीन का बेचान किया गया।
इस मामले में ट्रस्ट द्वारा थाना सुभाष नगर में मुन्ना मोहम्मद पुत्र अब्दुल मजीद शेख, निवासी आसीन्द के खिलाफ मुकदमा संख्या 40/2026 दर्ज कराया गया है।
जैन समाज ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर फर्जी तरीके से किए गए इन्तकाल को तुरंत निरस्त किया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।