खैरथल क्रय विक्रय सहकारी समिति लि० की 61 वीं वार्षिक साधारण सभा 25 मार्च को होगी आयोजित
खैरथल (हीरालाल भूरानी) खैरथल क्रय-विक्रय सहकारी समिति लि० की मुख्य कार्यकारी ( निरीक्षक) संगीता यादव ( RCSS) ने बताया कि संस्था की 61 वीं वार्षिक साधारण सभा का आयोजन दिनांक 25.03.2026 बुधवार को प्रातः 11.00 बजे झुलेलाल मन्दिर मीटिंग हॉल, किशनगढ़बास रोड, खैरथल पर आयोजित की जा रही है।
इन्होने समस्त सदस्यों से अनुरोध किया है कि निश्चित समय पर उपस्थित होकर सभा की कार्यवाही को सफल बनायें। इन्होने बताया कि बैठक में विचारणीय विषय
- 1.गत बैठक दिनांक 27.01.2025 की कार्यवाही की पुष्टि पर विचार किया जाएगा।
- 2. वर्ष 2024-2025 के अन्तिम लेखों की पुष्टि पर विचार किया जाएगा।
- 3. वर्ष 2024-2025 के अनुमानित बजट के विरूद्ध हुए संशोधित आय-व्यय की पुष्टि एवं वर्ष 2025-2026 के अनुमानित बजट की स्वीकृति पर विचार किया जाएगा।
- 4. वर्ष 2024-2025 की स्वीकृति अधिकतम ऋण सीमा की पुष्टि एवं वर्ष 2025-26 की अधिकतम ऋण सीमा की स्वीकृति पर विचार किया जाएगा।
- 5. वित्तीय वर्ष 2025-2026 के अन्तिम लेखों की वैधानिक आडिट हेतु चार्टेड अकाउन्टेन्ट की नियुक्ति पर विचार किया जाएगा।
- 6. वर्ष 2024-2025 की आडिट आक्षेप (अ-ब) भाग की पूर्ति पर विचार किया जाएगा।
- 7. वर्ष 2024-2025 की आडिट रिपोर्ट के अनुमोदन पर विचार किया जाएगा।
- 8. वर्ष 2024-2025 के लाभ वितरण पर विचार किया जाएगा।
- 9. अन्य विषय अध्यक्ष महोदय की अनुमति से।
इन्होने बताया कि संस्था के उप नियम अनुसार यदि आम सभा की गण पूर्ति नहीं हो पाती है तो स्थगित बैठक उसी दिन नियमानुसार निश्चित समय के एक घन्टे बाद उसी स्थान पर आयोजित की जावेगी।सदस्य समितियों के अध्यक्ष अथवा उनकी अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष द्वारा सभा में भाग लिया जायेगा। प्रस्ताव प्रति साथ लावें।
संस्था के उपनियमों में संशोधन हो जाने के कारण अब एक हिस्से का मूल्य 100 रूपये है। कृषक सदस्यों को दस हिस्से क्रय करना आवश्यक हो गया है सदस्यों द्वारा पूर्व में जो हिस्से क्रय किये हुए है उस हिस्सा राशि को संशोधित उप नियमों के अनुसार समायोजित कराते हुए शेष हिस्सा राशि जमा कराकर दस हिस्से पूर्ण कर लेवें। नियम अनुसार प्रत्येक सदस्य जिसमें ग्राम सेवा सह०स० को 50 हजार रूपये तथा कृषक सदस्यों को 5 हजार रूपये का न्यूनतम व्यवसाय करना अनिवार्य है जिससे समिति का व्यापार भी बढेगा और लाभ में भी बढ़ोतरी होगी। न्यूनतम मापदण्ड से कम व्यवसाय करने पर वैद्य सदस्य नहीं रहेगें।