मात्र 5 रुपए में खेत की सेहत की जांच, अनाज मंडी स्थित सॉइल लैब बनी किसानों के लिए वरदान; मिट्टी परीक्षण से लागत में कमी और पैदावार में हो रही बढ़ोतरी
खैरथल (हीरालाल भूरानी) जिला मुख्यालय स्थित खैरथल की अनाज मंडी परिसर में संचालित उद्यान विभाग की मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। यहां किसान मात्र 5 रुपए में खेत की मिट्टी और पानी की वैज्ञानिक जांच करवा सकते हैं, जिससे उन्हें फसल उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने में सीधा लाभमिल रहा है।
प्रयोगशाला में किसान अपना नाम, पता और खेत का खसरा नंबर दर्ज कराकर आसानी से जांच करवा सकते हैं। वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक एवं सॉइल लैब प्रभारी राजेंद्र चौधरी ने बताया कि यहां मिट्टी और पानी दोनों की विस्तृत जांच की जाती है, जिसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम, मैग्नीशियम, सल्फर सहित अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा का आकलन किया जाता है।
जांच के बाद किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड भी जारी किया जाता है, जिसमें सभी महत्वपूर्ण पैरामीटर दर्ज होते हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही किसानों को खाद एवं उर्वरक उपयोग की सही सलाह दी जाती है। यदि किसी तत्व की मात्रा पहले से पर्याप्त होती है, तो उसकी अतिरिक्त खाद डालने से बचने की सलाह दी जाती है। अक्सर किसान आवश्यकता से अधिक नाइट्रोजन व फॉस्फोरस का उपयोग कर लेते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ भूमि की उर्वरता भी प्रभावित होती है।
समय पर खेतों से नमूने लेकर जांच की जा रही है। वर्तमान में कृषि यंत्रों के साथ एक खसरा नंबर की जांच अनिवार्य कर दी गई है। अब तक करीब 2 से 2.5 हजार खसरा नंबरों की जांच पूरी हो चुकी है। प्रतिदिन 40 से 50 किसान सॉइल हेल्थ कार्ड बनवा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। जिंक, फॉस्फोरस व अन्य अनुदान योजनाओं में अब सॉइल हेल्थ कार्ड अनिवार्य कर दिया है, जिससे किसानों की रुचि जांच की ओर बढ़ी है। सही समय पर मिट्टी परीक्षण और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने से जहां लागत में कमी आएगी, वहीं फसल उत्पादन बेहतर होने के साथ मिट्टी की सेहत भी लंबे समय तक बनी रहेगी।


