जिला कलक्टर ने वाहन संचालकों से योजना का लाभ उठाकर प्रदूषण नियंत्रण में भागीदार बनने का किया आह्वान
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परिवर्तन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर मंगलवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में निजी बस एवं ट्रक संचालकों, बाल वाहिनी संचालकों तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को योजना के प्रावधानों, प्रोत्साहनों एवं पंजीयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एनसीआर क्षेत्र में वाहन जनित प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से परिवर्तन योजना लागू की गई है। योजना के तहत बीएस-4 एवं उससे पुराने मानकों वाले ट्रकों एवं बसों के स्थान पर बीएस-6, सीएनजी अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने सभी वाहन संचालकों से योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। पुराने प्रदूषणकारी वाहनों के स्थान पर आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल वाहनों को अपनाकर स्वच्छ हवा और बेहतर भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र वाहन स्वामी अपने साथियों एवं परिचितों को भी योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ें, ताकि भरतपुर जिले में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
एडीएम सिटी राहुल सैनी ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले के निजी एवं उच्च शैक्षणिक संस्थानों तथा बाल वाहिनी संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि अधिकाधिक स्कूल इस योजना से जुड़ सकें।
वैज्ञानिक स्क्रैपिंग से मिलेगा पर्यावरण संरक्षण को बल-
अतिरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अभय मुदगल ने बताया कि योजना के अंतर्गत बीएस-3 एवं उससे निम्न श्रेणी के पुराने वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से निस्तारित करने की व्यवस्था की गई है। स्क्रैपिंग के उपरांत वी-स्क्रैप पोर्टल के माध्यम से सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा भरतपुर जिले में 1 हजार 311 पात्र वाहन चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 1 हजार 11 ट्रक एवं 300 बसें शामिल हैं। योजना का लाभ लेने के लिए वाहन स्वामियों को परिवर्तन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। पोर्टल के माध्यम से वाहन के पंजीकरण, स्वामित्व, बीएस मानक एवं एनसीआर क्षेत्राधिकार की डिजिटल जांच कर पात्रता सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद वाहन को स्क्रैप कराया जा सकता है अथवा नियमानुसार एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी शहर में हस्तांतरित किया जा सकता है। इसके पश्चात अधिकृत निर्माता अथवा डीलर से नया अथवा प्रयुक्त अनुपालक वाहन खरीदकर योजना के सभी प्रोत्साहनों का लाभ लिया जा सकेगा।
आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहनों से मिलेगी बड़ी राहत-
अतिरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत नए वाहन की खरीद पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर एवं पंजीयन शुल्क में छूट, वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत तक ब्याज रियायत, वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा एक्स-शोरूम कीमत पर 8 प्रतिशत तक की छूट, डीजल एवं सीएनजी वाहनों के लिए फ्यूल वाउचर तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए फ्यूल वाउचर के समतुल्य एकमुश्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त पुराने वाहन के प्रतिस्थापन पर 50 प्रतिशत तक मोटर वाहन कर में छूट, पुराने वाहनों पर बकाया कर में राहत तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित देयताओं की पूर्ण माफी का भी प्रावधान किया गया है। कर संबंधी ये रियायतें 10 वर्ष तक प्रभावी रहेंगी। उन्होंने सभी स्कूल संचालकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए अपनी बीएस-4 एवं पुराने मानकों वाली स्कूल बसों को आधुनिक बीएस-6, सीएनजी अथवा इलेक्ट्रिक बसों से प्रतिस्थापित करें। इससे विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी और जिले में प्रदूषण नियंत्रण को भी प्रभावी बल मिलेगा।
बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अतुल चतुर्वेदी, जिला रसद अधिकारी पवन अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र गोपालिया, प्रार्चाय विक्रांत, राहुल, नीरज कुमार, ओमप्रकाश, दीपक, महेन्द्र शर्मा सहित निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि, बस संचालक एवं ट्रक संचालक उपस्थित रहे।


