दिल्ली में छात्र आंदोलन को भाकपा राजगढ़ का समर्थन: पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा, दमन रोकने की मांग
राजगढ़ (अलवर)।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) शाखा राजगढ़ (अलवर) ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज़ मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का पूर्ण समर्थन किया है। भाकपा राजगढ़ के सचिव कामरेड मनोज कुमार बोहरा (एडवोकेट) ने एक बयान जारी कर केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों पर की जा रही पुलिसिया बर्बरता व दमनकारी कार्रवाई को तत्काल रोकने की मांग की है।
कामरेड बोहरा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करना और आंसू गैस के गोले छोड़ना पूरी तरह से लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर से छात्रों को बेदखल करने के लिए पुलिस द्वारा लगातार बल प्रयोग किया जा रहा है और आंदोलन स्थल पर लगे टेंट-तंबू तक उखाड़ दिए गए हैं।
एक तरफ वार्ता, दूसरी तरफ लाठी: सरकार का रवैया विरोधाभासी
भाकपा सचिव ने बताया कि छात्र पिछले करीब एक महीने से शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे हैं और 20 जुलाई का 'संसद मार्च' एक पूर्व घोषित कार्यक्रम था। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा:
"एक तरफ तो सरकार के मंत्री छात्रों को वार्ता की मेज पर बुला रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस के जरिए उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। सरकार का यह दोहरा रवैया बेहद विरोधाभासी और निंदनीय है।"
दमनकारी नीति छोड़ संवाद से समाधान निकाले सरकार
भाकपा ने केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों की मांगों और इस पूरे आंदोलन का समाधान केवल और केवल सकारात्मक संवाद के माध्यम से ही निकाला जा सकता है। पार्टी ने मांग की है कि जब तक वार्ता की प्रक्रिया चल रही है, तब तक छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दमनात्मक व हठधर्मिता पूर्ण कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए।


