सीवरेज कार्य में देरी पर एमडी सख्त, संवेदक चेतावनी रोज 75 हाउस कनेक्शन पूरे करें, वरना होगी कार्रवाई
भरतपुर (कोश्लेंद्र दत्तात्रेय) 22 जुलाई। शहर में चल रहे सीवरेज और अन्य शहरी विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक हरिमोहन मीणा ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अब किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तय समयसीमा में कार्य पूरा नहीं करने वाले संवेदकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
प्रबन्ध निदेशक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आरयूआईडीपी, स्मार्ट सिटी और रुडसीको की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि भरतपुर को बेहतर आधारभूत सुविधाओं वाला आधुनिक शहर बनाना है। इसके लिए सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी भी कार्य में तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य कोई बाधा आती है तो उसका तत्काल समाधान जिला प्रशासन के समन्वय से कराया जाए।
7 हजार हाउस कनेक्शन में देरी पर जताई नाराजगी-
बैठक के दौरान सीवरेज नेटवर्क परियोजना की समीक्षा में सात हजार हाउस कनेक्शन समय पर नहीं होने पर एमडी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को फटकार लगाते हुए प्रतिदिन 75 हाउस कनेक्शन पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया। साथ ही चेतावनी दी कि लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां सीवरेज लाइन का कार्य पूरा हो, वहां सड़कों का री-स्टोरेशन भी तुरंत और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए ताकि आमजन को परेशानी न हो।
एसटीपी का काम तुरंत शुरू करने के निर्देश-
अमृत योजना के तहत करीब 140 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की समीक्षा करते हुए प्रबन्ध निदेशक ने कहा कि अप्रैल में कार्यादेश जारी होने के बावजूद अब तक निर्माण शुरू नहीं होना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने अतिरिक्त संसाधन लगाकर तत्काल निर्माण शुरू करने और तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
भरतपुर को आधुनिक शहर बनाने पर जोर-
एमडी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप भरतपुर में सड़कों का चौड़ाईकरण, प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीवरेज कार्यों के दौरान लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएं और कार्य पूरा होते ही सड़कों को बेहतर गुणवत्ता के साथ पुनर्स्थापित किया जाए। उन्होंने अमृत-4 योजना के तहत हेरिटेज संरक्षण और वाटर बॉडीज के सौंदर्यीकरण कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
बरसात में आवागमन प्रभावित नहीं होना चाहिए-
जिला कलक्टर कमर चौधरी ने कहा कि सीवरेज परियोजनाओं में आने वाली हर बाधा का समय पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने वर्षा ऋतु को देखते हुए सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में तेजी लाने, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्य समय पर पूरे कराने तथा हाउस कनेक्शन कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर के भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए सीवरेज नेटवर्क की दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए, जिससे भरतपुर आने वाले वर्षों में एक आदर्श शहर के रूप में विकसित हो सके।
भरतपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त कनिष्क कटारिया ने कहा कि रुडसीको और आरयूआईडीपी की परियोजनाओं में सभी अभियंता पूरी सक्रियता से कार्य करें। विकास कार्यों में भूमि आवंटन सहित अन्य आवश्यक सहयोग बीडीए द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में जिले में 718.15 करोड़ के आरयूआईडीपी, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना, हेरिटेज संरक्षण कार्य तथा वाटर बॉडीज सौंदर्यीकरण कार्यों एवं जिले के नदबई एवं बयाना में फेज-5 के तहत प्रस्तावित कार्यों की विस्तार से समीक्षा कर समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर रूडसीको के एसई राजेन्द्र आहूजा, आरयूआईडीपी के एसई विनोद चौहान, बीडीए के एसई योगेश माथुर, आरयूआईडीपी जयपुर के एसई एसआर पारीक, अधिशाषी अभियंता राजुल शर्मा, संवेदक फर्म के अधिकारीगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


