घाटरी में अवैध क्रेशरों के खिलाफ आक्रोश: 10वें दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना, पूर्व सांसद और किसान नेता ने दिया समर्थन
नियम-विरुद्ध ब्लास्टिंग से मकानों में आईं दरारें, पलायन को मजबूर ग्रामीण; पूर्व सांसद रामकिशन बोले- ग्रामीणों की मांग पूरी तरह जायज
वैर/भरतपुर। भुसावर उपखंड के गांव घाटरी में अवैध क्रेशरों को बंद करवाने और अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना और आमरण अनशन 10वें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन को समर्थन देने पूर्व सांसद पंडित रामकिशन और किसान नेता इंदल सिंह जाट धरना स्थल पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराया।
दो दर्जन से अधिक अवैध क्रेशर, पहाड़ों का अस्तित्व खत्म
पूर्व पंचायत समिति सदस्य श्यौदान सिंह और अमित सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक क्रेशर पूरी तरह नियम-विरुद्ध संचालित किए जा रहे हैं। इन क्रेशरों ने गांव के प्राचीन पहाड़ों का नामो-निशान तक मिटा दिया है। भारी ब्लास्टिंग और अंधाधुंध खुदाई के कारण आसपास के मकानों में गहरी दरारें आ गई हैं, जिससे लोग खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। कई ग्रामीण तो डर के मारे गांव से पलायन तक कर चुके हैं।
धूल से फसलें चौपट, मौतों के बाद भी प्रशासन मौन
धरना स्थल पहुंचे किसान नेता इंदल सिंह ने प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि घाटरी में अवैध क्रेशरों और उनसे उड़ने वाली धूल के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो रही हैं। पूर्व में कई जानें जाने के बावजूद और बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। वहीं पूर्व सांसद पंडित रामकिशन ने कहा कि प्रशासन भली-भांति जानता है कि जनहित में ग्रामीणों की यह मांग पूरी तरह उचित है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक अवैध क्रेशर बंद नहीं होंगे, आंदोलन जारी रहेगा।

