खैरथल मंडी में बाजरे की बंपर आवक: रोजाना पहुंच रहे 15-20 हजार कट्टे; ₹2200 तक मिले भाव, सरकारी खरीद की उठी मांग
खैरथल मंडी में बाजरे की बंपर आवक: रोजाना आ रहे 20 हजार कट्टे; किसानों को ₹2200 तक मिल रहे भाव, लेकिन एमएसपी खरीद का इंतजार
खैरथल (अलवर) हीरालाल भूरानी
खैरथल कृषि उपज मंडी में इन दिनों बाजरे की बंपर आवक से व्यापारिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। पिछले 15 दिनों से जारी इस आवक के तहत वर्तमान में रोजाना करीब 15 से 20 हजार कट्टे बाजरा मंडी में बिक्री के लिए आ रहा है।
गुणवत्ता के आधार पर ₹2200 तक मिल रहे भाव
व्यापारियों और खैरथल व्यापार समिति के अनुसार, मंडी में बाजरे के भाव गुणवत्ता और नमी के आधार पर तय हो रहे हैं। नमी वाले बाजरे के भाव जहां ₹2,000 प्रति क्विंटल के आसपास चल रहे हैं, वहीं अच्छी गुणवत्ता वाला बाजरा ₹2,150 से ₹2,200 प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार किसानों को अपेक्षाकृत बेहतर दाम मिल रहे हैं।
बढ़कर 83,900 हेक्टेयर पहुंचा बुवाई का रकबा
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जिले में बाजरे का बुवाई क्षेत्र बढ़कर लगभग 83,900 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। रकबा बढ़ने और अच्छी पैदावार के कारण आने वाले दिनों में मंडी में आवक और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। व्यापारी नरेश कुमार ने बताया कि इस बार मंडी में अच्छी गुणवत्ता का माल आ रहा है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद जगी है।
हरियाणा की तर्ज पर सरकारी खरीद और भावांतर योजना की मांग
खैरथल व्यापार समिति के अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता ने राज्य सरकार से राजस्थान में भी समर्थन मूल्य (MSP) पर बाजरे की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्य हरियाणा में किसानों को बाजरे पर ₹2,900 प्रति क्विंटल तक भावांतर मूल्य दिया जा रहा है। इसके विपरीत, राजस्थान में बड़े पैमाने पर उत्पादन के बावजूद सरकारी खरीद न होने से किसानों को अपनी फसल ₹2,000 से ₹2,150 में बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों और व्यापारियों ने प्रदेश सरकार से शीघ्र सरकारी खरीद शुरू कर राहत देने की अपील की है।

