भीलवाड़ा की बेटी मनस्वी ने रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान: मात्र 21.73 सेकंड में प्रदर्शित कीं 55 हस्त मुद्राएं; इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
भीलवाड़ा की कथक नृत्यांगना मनस्वी ने रचा नया इतिहास: इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया नाम, 21.73 सेकंड में दिखाईं कथक की 55 हस्त मुद्राएं
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) |
भीलवाड़ा की प्रतिभावान युवा कथक नृत्यांगना मनस्वी ने अपनी अनवरत कला-साधना और अद्भुत प्रतिभा के बल पर एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। मनस्वी ने कथक नृत्य की 32 असंयुक्त एवं 23 संयुक्त, यानी कुल 55 हस्त मुद्राओं का अत्यंत तीव्र, शुद्ध एवं उत्कृष्ट वाचन व प्रदर्शन मात्र 21.73 सेकंड में पूरा कर 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज कराया है।
अद्भुत गति, लय और शुद्धता का संगम
कथक की 55 हस्त मुद्राओं को इतनी कम अवधि में बिना किसी त्रुटि के प्रस्तुत करना मनस्वी के कठोर अभ्यास और समर्पण को दर्शाता है। उनकी इस उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता दी गई है, जिससे न केवल भीलवाड़ा बल्कि संपूर्ण राजस्थान का नाम गौरवान्वित हुआ है।
22 वर्ष की उम्र में हासिल कीं कई उपलब्धियां
मात्र 22 वर्ष की आयु में मनस्वी ने कथक के क्षेत्र में कई मुकाम हासिल किए हैं। वह दूरदर्शन की पंजीकृत (ग्रेडेड) कथक कलाकार हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां देकर भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं।
शिक्षा और कला का बेहतरीन संतुलन
कला के साथ-साथ मनस्वी ने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने कथक विषय से NET परीक्षा उत्तीर्ण की है और वर्तमान में राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से एमपीए (MPA) की पढ़ाई कर रही हैं। वे कथक की बारीकियां अपने गुरु चेतन कुमार झवड़ा से सीख रही हैं।
मनस्वी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के प्रोत्साहन और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कला, संस्कृति एवं साहित्यिक जगत के गणमान्य लोगों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

