विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश; मुंडिया खेड़ा में बच्चों व शिक्षकों ने सीखा योग का व्यावहारिक व आध्यात्मिक विज्ञान
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
पंचायत समिति क्षेत्र के ग्राम मुंडिया खेड़ा दिवली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य संवर्धन के उद्देश्य से एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। सत्र में योग शिक्षक दुष्यंत कुमार शर्मा ने उपस्थित संभागियों को योग की बारीकियों और इसके वैज्ञानिक महत्व से अवगत कराया।
योग केवल व्यायाम नहीं, आत्मानुशासन की विद्या है: योग शिक्षक
प्रधानाध्यापक हुकम सिंह मीना ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान योग शिक्षक दुष्यंत कुमार शर्मा ने नियमित अभ्यास पर जोर देते हुए योग को जीवन दर्शन और जीवन पद्धति बताया। उन्होंने कहा, "योग को केवल शारीरिक व्यायाम या किसी विशेष वर्ग की पूजा-पद्धति मानकर इसके व्यापक स्वरूप को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। यह आत्मोपचार एवं आत्मदर्शन की श्रेष्ठ आध्यात्मिक विद्या है, जो व्यक्ति को सीमित सोच से ऊपर उठाकर भीतर से स्वस्थ व संतुलित बनाती है।"
पौराणिक मान्यताओं और वैज्ञानिक अवधारणाओं का दिया उदाहरण
योग अभ्यास के दौरान उन्होंने प्राणायाम के निरंतर अभ्यास से शरीर में होने वाले सकारात्मक परिवर्तनों, अष्ट चक्रों के जागरण तथा संचित अशुभ संस्कारों के क्षीण होने से जुड़ी पारंपरिक व वैज्ञानिक मान्यताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि स्वार्थ, अज्ञान और अहंकार से ऊपर उठकर योग को समग्र विज्ञान के रूप में समझें और इसे अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बनाएं।
विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
आयोजित योग सत्र में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकवृंद ने उत्साहपूर्वक विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक हुकम सिंह मीना, राहुल कुमार, कुम्हेर सिंह, शांति मीना, सिलोचना कुमारी सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

