कथक के ताल-लय से गुंजायमान हुआ अजमेर: अजमेर कथक कला केंद्र की 15वीं वर्षगांठ पर सजी विशेष कार्यशाला, बच्चों को बांटे प्रमाण-पत्र
अजमेर / राजकुमार गोयल।
विविधा-कला एवं सांस्कृतिक संस्था तथा अजमेर कथक कला केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को श्री बालाजी रॉयल पब्लिक स्कूल, अजमेर में एक दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यशाला में विद्यालय के 55 विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
अजमेर कथक केंद्र की स्थापना के 15 वर्ष पूरे होने पर पहल
संस्था की निदेशक दृष्टि रॉय ने बताया कि अजमेर कथक केन्द्र की स्थापना के सफल 15 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में शास्त्रीय नृत्य कार्यशालाओं की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में आयोजित इस कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को कथक के क्रियात्मक व कलात्मक पहलुओं, हस्त मुद्राओं, भाव-भंगिमाओं तथा ताल और लय के समन्वय की विस्तार से जानकारी दी गई।
संस्कृति से जुड़कर निखरती है प्रतिभा: अतिथि
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती रेनू रुद्रा एवं विशिष्ट अतिथि राजेन्द्र नरचल ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य हमारी प्राचीन समृद्ध विरासत की धरोहर हैं। युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों का होना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर संस्था के संरक्षक धनराज चौधरी, अजमेर कथक केन्द्र के सदस्य जितेन्द्र गोड़, सोनम सोलंकी सहित स्कूल की प्रधानाचार्या सुनीता दत्ता, शिक्षकवृंद एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में भाग लेने वाले सभी 55 प्रतिभागियों को संस्था की ओर से प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।

