17 KM गड्ढे, 11 करोड़ का टेंडर और ठेकेदार 'लापता':PWD दफ्तर में 7 घंटे हाईवोल्टेज ड्रामा: विधायक ने काटी सब्जी, बोलीं— 'ब्लैकलिस्ट ऑर्डर मिलने पर ही उठेंगे'
विधायक ने PWD दफ्तर में काटी सब्जी, 7 घंटे से धरना जारी कमल बिल्डर्स को ब्लैकलिस्ट करने और नई कंपनी को टेंडर देने की मांग पर अड़े बयाना के ग्रामीण
रूपवास (भरतपुर) कोशलेन्द्र दत्तात्रेय
जटमासी से रूपवास के बीच की बदहाल सड़क के निर्माण में हो रही हीलाहवाली से तंग आकर मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बयाना विधायक डॉ. ऋतु बनावत के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने रूपवास स्थित सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय के बाहर पड़ाव डाल दिया। खबर लिखे जाने तक विधायक और ग्रामीण पिछले 7 घंटे से दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे थे। इस अनूठे प्रदर्शन में विधायक खुद ग्रामीणों के बीच बैठकर भोजन के लिए सब्जी काटती नजर आईं, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में है।
11 करोड़ का बजट, फिर भी सड़क की जगह गड्ढे स्थानीय निवासी पारस चौधरी ने बताया कि जटमासी से रूपवास के बीच 17 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए PWD विभाग ने करीब ₹11 करोड़ 44 हजार की लागत से टेंडर जारी किया था। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी 'कमल बिल्डर्स' को सौंपी गई थी, जिसे 16 अगस्त 2025 से 15 जून 2026 तक काम पूरा करना था। आरोप है कि तय समयसीमा के बावजूद ठेका कंपनी ने धरातल पर काम शुरू नहीं किया।
जानलेवा बने गड्ढे, क्रेन से निकालने पड़े वाहन सड़क पर जगह-जगह बने विशाल गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। मंगलवार को भी कई वाहन गड्ढों में फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ा।
SDM ऑफिस से रैली, PWD पर घेराबंदी नाराज ग्रामीणों ने पहले SDM कार्यालय से PWD दफ्तर तक विरोध रैली निकाली। रैली में शामिल बयाना विधायक डॉ. ऋतु बनावत ने कहा, "ग्रामीण लंबे समय से नरकीय स्थिति झेल रहे हैं। जब तक ठेका कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और नए टेंडर का लिखित आदेश हाथ में नहीं आ जाता, तब तक धरना खत्म नहीं होगा।"
धरना स्थल पर ही बना भोजन आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके ग्रामीणों ने PWD दफ्तर के बाहर ही खाना पकाने की व्यवस्था कर ली। विधायक डॉ. ऋतु बनावत ने भी सादगी की मिसाल पेश करते हुए धरना स्थल पर ग्रामीणों के साथ बैठकर सब्जी काटी और उनके साथ भोजन की तैयारियों में हाथ बंटाया।

