श्री गोविंद देव परोपकारी ट्रस्ट के तत्वावधान में हुआ योग सत्र आयोजित; प्रशिक्षिका गीता शर्मा ने बताए योग और आयुर्वेद के लाभ
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
श्री गोविंद देव परोपकारी ट्रस्ट के तत्वावधान में तहसील क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सपेरा बास में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ घुमंतू जाति के बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और विभिन्न योगासन व प्राणायाम का अभ्यास किया।
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन दर्शन
योग प्रशिक्षिका गीता शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग को केवल एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति या शारीरिक व्यायाम नहीं मानना चाहिए। यह एक समग्र जीवन दर्शन और आत्मानुशासन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति व्याधिमुक्त और संतुलित जीवन की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने त्रिगुणों (सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण) की अवधारणाओं को इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन जैसी वैज्ञानिक प्रणालियों से जोड़कर विद्यार्थियों को बहुत ही सरल तरीके से समझाया।
औषधीय पौधों और आयुर्वेद की दी जानकारी
सत्र के दौरान प्रशिक्षिका ने विद्यार्थियों को नीम, गिलोय, आंवला, एलोवेरा, तुलसी और हल्दी जैसे औषधीय पौधों के गुणों के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने नियमित प्राणायाम के अभ्यास से शरीर और मन में आने वाले सकारात्मक बदलावों पर प्रकाश डाला।
विद्यालय की प्रधान अध्यापिका रामवती ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्र बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद उपयोगी हैं। इस अवसर पर चंद्रकला, मनीष जोशी, हरवीर सिंह सहित कई शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं (सुमन, मयंक, निधि, लक्ष्मी, निशा, उजेर खान आदि) उपस्थित रहे।

