कृषि विभाग ने जारी की रवि फसलों हेतु एडवाइजरी; डीएपी की कमी होने पर एसएसपी और यूरिया का उपयोग कर सकते हैं किसान-संयुक्त निदेशक

Oct 1, 2026 - 18:41
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कृषि विभाग ने जारी की रवि फसलों हेतु एडवाइजरी; डीएपी की कमी होने पर एसएसपी और यूरिया का उपयोग कर सकते हैं किसान-संयुक्त निदेशक

भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) रबी फसलों की बुवाई के लिए जिले में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अनुसार डीएपी कम उपलब्ध होने की स्थिति में किसान सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) के साथ यूरिया का उपयोग कर सकते हैं। विशेष रूप से तिलहनी फसलों में एसएसपी का उपयोग लाभदायक होता है।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) राधेश्याम मीणा ने बताया कि वर्तमान माह में जिले में 6 हजार 760 मीट्रिक टन यूरिया, 4 हजार 700 मीट्रिक टन डीएपी, 3 हजार 800 मीट्रिक टन एसएसपी और 1 हजार 490 मीट्रिक टन एनपीके की मांग है। इसके मुकाबले 5 हजार 972 मीट्रिक टन यूरिया, 2 हजार 913 मीट्रिक टन डीएपी, 6 हजार 134 मीट्रिक टन एसएसपी और 2 हजार 195 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को रबी फसलों की बुवाई के लिए उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
संयुक्त निदेषक ने बताया कि एसएसपी से फसलों को फॉस्फोरस के साथ कैल्शियम और सल्फर भी मिलता है, जो तिलहनी फसलों के लिए महत्वपूर्ण हैं। एसएसपी में 16 प्रतिशत फॉस्फोरस, 19 प्रतिशत कैल्शियम और 11 प्रतिशत सल्फर होता है। वहीं, नाइट्रोजन की पूर्ति यूरिया से की जा सकती है। उन्होंने किसानों को फसल की जरूरत, मिट्टी की जांच और अनुशंसित पोषक तत्वों के आधार पर ही उर्वरक की मात्रा तय करने की सलाह दी।
विभाग के अनुसार एसएसपी में मौजूद फॉस्फोरस का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पानी में घुलनशील होता है। इससे पौधों को शुरुआती अवस्था में फॉस्फोरस उपलब्ध होता है और जड़ों के विकास में मदद मिलती है। कैल्सियम पौधों की कोषिकाओं को मजूबत बनाने के साथ मिट्टी अम्लता, लवणता और पौषक तत्वों की स्थिति के अनुसार इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है। उन्होंने बताया कि एसएसपी की बोरी करीब 500 रूपये की 20 किलों यूरिया मिलाने पर करीब 100 से 110 रूपये अतिरिक्त खर्च होता है। उन्होंने बताया कि एसएसपी के साथ यूरिया का इस्तेमाल करने पर डीएपी की तुलना में लागत 50 - 60 रूपये का अन्तर आता है। उन्होंने बताया इस किसान फसल की जरूरत के अनुसार नाइट्रोजन और फॉॅॅस्फोरस की पूर्ती कर सकते है। विभाग ने किसानों से डीएपी की उपलब्धता कम होने पर एसएसपी के उपयोग पर विचार करने की अपील की है।

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