खेरली में हिंडौन फाटक के पास मालगाड़ी की चपेट में आने से BSNL के सेवानिवृत्त JEN की मौत, मौके पर जुटी भीड़
खेरली (अलवर)
अलवर जिले के खेरली कस्बे में बुधवार को एक दर्दनाक रेल हादसा सामने आया, जहाँ हिंडौन फाटक से करीब 50 मीटर की दूरी पर एक मालगाड़ी की चपेट में आने से बीएसएनएल के एक सेवानिवृत्त जेईएन (JEN) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
खेरली रेल निवासी थे मृतक मोतीलाल जाटव
पुलिस और स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान खेरली रेल निवासी मोतीलाल जाटव के रूप में हुई है। वे बीएसएनएल कार्यालय से सेवानिवृत्त जेईएन (Retired JEN) थे। बताया जा रहा है कि मंडावर से भरतपुर की ओर जा रही मालगाड़ी की चपेट में वे आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मालगाड़ी के चालक ने उन्हें बचाने के लिए ब्रेक लगाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन हादसा इतना अचानक और गंभीर था कि दुर्घटना टल नहीं सकी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मौके पर पहुंची RPF, GRP और सिविल पुलिस
दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय सिविल पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया और शव को अपने कब्जे में लेकर खेरली उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया। पुलिस की मौजूदगी में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
रेल परिचालन और आवाजाही पर पड़ा असर
इस भीषण हादसे के कारण कुछ समय के लिए घटनास्थल पर रेल परिचालन और सड़क मार्ग की आवाजाही प्रभावित हुई। दुर्घटना के बाद मालगाड़ी करीब आधे घंटे तक मौके पर ही खड़ी रही, जिसके चलते आसपास मौजूद लोगों में हादसे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
पिछले एक साल से थे बीमार
प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि मृतक मोतीलाल जाटव पिछले करीब एक वर्ष से मानसिक रूप से अस्वस्थ (बीमार) चल रहे थे। हालाँकि, यह हादसा किन परिस्थितियों में और कैसे हुआ, इसकी वास्तविक और स्पष्ट वजह पुलिस जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जाँच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाल रही है।

