उदासीनता: रेलवे प्रशासन को भेजा पत्र, खैरथल में अन्य गाडियों के ठहराव की रखी मांग
अमृत भारत योजना में शामिल, स्टेशन पर सुविधाओं का टोटा
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) आजादी के 75 साल बाद जहां देश 'अमृत महोत्सव' मना रहा है और खैरथल रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल कर गौरव तो मिला है, लेकिन हकीकत यह है कि यहां की जनता अब भी रेल सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है।
स्थानीय निवासी प्रमोद केवलानी , हीरालाल भूरानी, रविन्द्र आदि ने बताया कि मीटर गेज के दौर में खैरथल से दिल्ली, जयपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भीलवाड़ा, रतलाम, इंदौर, महू, खंडवा जैसी बड़ी जगहों तक सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध थी। उस दौर में चेतक एक्सप्रेस, श्री अप, फोर डाउन जैसी ट्रेनें इस मार्ग की शान थीं। लेकिन ब्रॉड गेज बनने के बाद न केवल ये सेवाएं बंद हो गई बल्कि खैरथल आज दिल्ली और जयपुर जैसी नजदीकी राजधानी शहरों से भी कट-सा गया है। आज दिल्ली से खैरथल तक दोपहर 3 बजे बाद कोई सीधी ट्रेन सुविधा नहीं है। रेलवे चाहे तो मसूरी एक्सप्रेस को जयपुर तक बढ़ाकर और दिल्ली-जयपुर के बीच ईएमयू लोकल चलाकर जनता की दशकों पुरानी मांग पूरी कर सकता है।
खैरथल विकास मंच समिति की प्रमुख मांगें - खैरथल विकास मंच समिति अध्यक्ष मनोहरलाल परवाना, श्यामलाल शर्मा, किशनलाल शर्मा, बाबूलाल शर्मा, संजय लालवानी,प्रमोद केवलानी ने रेल मंत्री को पत्र के माध्यम से मंडोर एक्सप्रेस एवं डबल डेकर जयपुर-सराय रोहिल्ला के ठहराव सहित नई ट्रेनों के विस्तार की मांग की है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में करीबन 12 घंटे तक खड़ी रहने वाली मसूरी एक्सप्रेस को जयपुर/ उदयपुर तक विस्तार किया जाना चाहिए। जयपुर- दिल्ली-जयपुर के बीच नई ट्रेन, जो सुबह जयपुर से दिल्ली और शाम को दिल्ली से जयपुर लौटे।
खैरथल रेलवे स्टेशन पर आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी खल रही है। खैरथल विकास मंच समिति ने मांग रखी है कि दोनों प्लेटफार्म की लंबाई स्टैंडर्ड साइज तक बढ़ाई जाए। प्लेटफार्म पर यात्रियों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था व पेयजल की सुविधा मिले, नवनिर्मित फुट ओवर ब्रिज पर बुजुर्गों के लिए लिफ्ट और यात्रियों के लिए एस्केलेटर लगाए जाएं। प्लेटफार्म नंबर 2 की तरफ प्रवेश द्वार व टिकट विंडो खोली जाए। रेलवे फाटक से प्लेटफार्म नंबर 2 तक सड़क बनाई जाए।
व्यापारिक दृष्टि से अहम स्टेशन - खैरथल राजस्थान की एक प्रमुख मंडी और नए जिले का मुख्यालय है। यहां से बड़ी संख्या में व्यापारी और छात्र प्रतिदिन दिल्ली-जयपुर का सफर करते हैं। राजस्व की दृष्टि से भी खैरथल रेलवे के लिए अहम है, बावजूद इसके यहां की जनता अब तक उपेक्षित है।

