भरतपुर में समग्र यातायात समाधान हेतु लुधावाई से ऊँचा नगला तक एलिवेटेड रोड निर्माण की मांग
भरतपुर, (विष्णु मित्तल) समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक विस्तृत पत्र लिखकर शहर में निरंतर बढ़ते यातायात दबाव, दुर्घटनाओं एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लुधावई से ऊंचा नगला तक एक सतत एलिवेटेड रोड निर्माण की मांग की है। जिसमें वर्तमान में प्रस्तावित सेवर चौराहा एवं सारस चौराहा पर दो पृथक फ्लाईओवर के स्थान पर एकीकृत एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण का सुझाव दिया गया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि भरतपुर शहर का यह प्रमुख मार्ग (NH–21) न केवल शहर के भीतर यातायात का मुख्य कॉरिडोर है, बल्कि यह विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों एवं प्रवेश बिंदुओं को भी जोड़ता है। इस मार्ग पर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज सहित कई शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थान स्थित हैं, जहां प्रतिदिन हजारों छात्र, कर्मचारी एवं आमजन आवागमन करते हैं। इसके अतिरिक्त यह मार्ग भरतपुर शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों (Entry Points) में से एक है, जहां से बाहरी जिलों एवं राज्यों से आने-जाने वाला भारी यातायात गुजरता है।
गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में प्रस्तावित दो फ्लाईओवर केवल सीमित चौराहों पर जाम की समस्या को आंशिक रूप से कम कर पाएंगे, जबकि लुधावई से ऊंचा नगला तक एलिवेटेड रोड पूरे मार्ग पर निर्बाध एवं तेज यातायात सुनिश्चित करेगा। इससे न केवल ट्रैफिक जाम में स्थायी कमी आएगी, बल्कि शहर के भीतर और बाहर के यातायात का बेहतर समन्वय भी संभव हो सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार का सतत एलिवेटेड कॉरिडोर भविष्य के बढ़ते यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए अधिक व्यावहारिक एवं दूरदर्शी समाधान है। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी तथा पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी।
सीताराम गुप्ता ने यह भी बताया गया है कि बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापार, पर्यटन एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भरतपुर के आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी। साथ ही, एक सुव्यवस्थित एलिवेटेड रोड शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप प्रदान करते हुए शहरी सौंदर्य को भी सुदृढ़ करेगा। हालांकि प्रारंभिक स्तर पर एलिवेटेड रोड की लागत अपेक्षाकृत अधिक प्रतीत हो सकती है, किन्तु दीर्घकालिक दृष्टि से यह परियोजना अधिक लाभकारी सिद्ध होगी, क्योंकि इससे बार-बार के सुधार कार्यों एवं रखरखाव की आवश्यकता कम होगी और समग्र यातायात प्रबंधन बेहतर होगा।
निदेशक गुप्ता ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि भरतपुर शहर के दीर्घकालिक विकास एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि यह परियोजना स्वीकृत होती है, तो यह भरतपुर के यातायात ढांचे में एक ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और शहर को आधुनिक एवं व्यवस्थित नगरीय विकास की दिशा में अग्रसर करेगी।