राजकीय स्कूल देशवाली ढाणी में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर आमजन को किया जागरूक
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीडवाना एवं ताल्लुका विधिक सेवा समिति एडीजे मकराना की अध्यक्ष आशा चौधरी के निर्देशानुसार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय संख्या 06, देशवाली ढाणी मकराना में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ताल्लुका विधिक सेवा समिति के पैनल अधिवक्ता तलत हुसैन हनीफी ने विद्यार्थियों एवं आमजन को संबोधित करते हुए सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो बच्चों के स्वाभाविक विकास को रोकती है।
बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की जानकारी देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम या लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम है, तो वह विवाह गैर-कानूनी बाल विवाह माना जाएगा। अधिवक्ता हनीफी ने चेतावनी दी कि यदि 18 वर्ष से अधिक उम्र का पुरुष किसी नाबालिग लड़की से विवाह करता है, तो उसे 2 वर्ष की सजा या 1 लाख रुपये का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। इसके अलावा, बाल विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी, माता-पिता, रिश्तेदार या दोस्तों को भी 2 साल के कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहो अभियान पर जोर देते हुए अधिवक्ता ने कहा कि नशा अपराध की पहली सीढ़ी है, जो व्यक्ति को गलत राह पर धकेलती है। शिविर के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्यस्थता अधिनियम 2023 के तहत सामुदायिक मध्यस्थता की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आपसी बातचीत से विवादों का निपटारा करना, कोर्ट-कचहरी के खर्चे व समय की बर्बादी से बचाना और गांवों को मुकदमा मुक्त बनाना है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश कुमार कुमावत, अध्यापक जगदीश प्रिया, गोपाललाल, मुरली मनोहर, मो. सलीम, टीकम स्वामी सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

