मैढ़ क्षेत्रीय स्वर्णकार समाज का तृतीय प्रदेश स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह संपन्न: 151 मेधावी विद्यार्थियों और प्रशासनिक अधिकारियों का हुआ सम्मान
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। राजस्थान प्रदेश मैढ़ क्षेत्रीय स्वर्णकार संस्था के तत्वावधान में सीकर स्थित गोविंदम गोपीनाथ गौशाला विवाह स्थल में तृतीय प्रदेश स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले समाज के 151 मेधावी छात्र-छात्राओं और राजस्थान प्रशासनिक सेवा में चयनित अधिकारियों सहित विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष मुकेश भारतीय थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में देवस्थान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त बीकानेर व आर ए एस अधिकारी गौरव सोनी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के प्रदेशाध्यक्ष शिव प्रसाद तोषावड़ ने की।
मुख्य अतिथि मुकेश भारतीय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान न केवल उनकी उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, कठिन परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। राष्ट्रीय महामंत्री दुलीचंद मौसूण ने परिवारों से बच्चों की उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं को प्राथमिकता देने की अपील की।
वहीं प्रदेशाध्यक्ष शिव प्रसाद तोषावड़ ने कहा कि समाज शिक्षा, संगठन और संस्कार के मूल मंत्र पर आगे बढ़ रहा है और प्रतिभाओं को तराशना संस्था की सर्वोच्च प्राथमिकता है।शिक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी प्रवीण मैढ़ ने बताया कि इस अवसर पर प्रशासनिक सेवा में चयनित भौतिक विज्ञान की व्याख्याता कामिनी सोनी, मुलाराम सोनी और वरिष्ठ पत्रकार विनय सोनी सहित समाज सेवा में योगदान देने वाली विभिन्न हस्तियों का सम्मान किया गया।
समारोह में राष्ट्रीय संरक्षक बहादुर सिंह, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सज्जन लावट, प्रदेश महामंत्री बजरंग लाल झींगा, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजकुमार कुलथिया, प्रदेश संरक्षक भवानी शंकर मौसूण, तिलोक चंद जालु, कालूराम रोडा, महावीर प्रसाद, शांतिस्वरूप सोनी, एडवोकेट अनिल कुमार सोनी, मनोज कुमार रोडा और हरिप्रसाद सोनी सहित प्रदेशभर से आए अनेक पदाधिकारी, अभिभावक व ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन बालिका शिक्षा, नैतिक मूल्यों के संवर्धन और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।

