भरतपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा: मुख्य सचिव ने प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर इलाज देने के दिए निर्देश
भरतपुर: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजकीय जनाना चिकित्सालय का किया निरीक्षण, चिकित्सा व्यवस्थाओं और सुविधाओं का लिया जायजा
भरतपुर / कोशलेन्द्र दत्तात्रेय
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को राजकीय जनाना चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
एनआईसीयू और पीआईसीयू वार्ड का किया अवलोकन
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने एनआईसीयू (NICU), पीआईसीयू (PICU), गायनी वार्ड और पीओडब्ल्यू वार्ड का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय उपकरणों, दवाओं की उपलब्धता और साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि मरीजों और प्रसूताओं को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं मिलनी चाहिए और सभी विभाग निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ मौके पर ही पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
अस्पताल के नवाचारों और व्यवस्थाओं की सराहना
आरबीएम व जनाना अस्पताल के अधीक्षक डॉ. नगेन्द्र भदौरिया ने मुख्य सचिव को अस्पताल में संचालित सेवाओं और नवाचारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने एनआईसीयू-पीआईसीयू वार्ड में नवजात शिशुओं की देखभाल के प्रबंधों, मदर मिल्क बैंक, और निःशुल्क जांच व दवा योजना के तहत की जा रही व्यवस्थाओं से अवगत कराया। मुख्य सचिव ने अस्पताल की समग्र व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
इस अवसर पर जिला कलक्टर कमर चौधरी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विवेक भारद्वाज, अतिरिक्त कलक्टर शहर राहुल सैनी, जनाना अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शेरसिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गौरव कपूर सहित अस्पताल के तमाम वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

