बयाना ठगी मामला: 8 साल से फरार 5 हजार का इनामी स्थाई वारंटी गिरफ्तार, दोगुना पैसा करने का झांसा देकर की थी ठगी
भरतपुर / संवाददाता
जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा (आईपीएस) के निर्देशानुसार अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने लगभग 8 साल से फरार चल रहे 5 हजार रुपये के इनामी स्थाई वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
दोगुना रुपये करने का झांसा देकर की थी ठगी
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 13 मार्च 2018 को रामलाल (पुत्र रामजीलाल, निवासी शेरगढ़, थाना बयाना) ने एक इस्तगासा पेश किया था। इसमें बताया गया था कि 'भारतीय सनसाइन डेवलपर बिल्ड कॉर्पोरेशन लिमिटेड' कंपनी के कर्मचारी 15 दिसंबर 2014 को उनके घर आए थे और बयाना के गणेशी मार्केट स्थित अपने कार्यालय के बारे में जानकारी दी थी।
आरोपियों ने कंपनी में पॉलिसी करवाने पर 5 साल में पैसा दोगुना करने का लालच दिया था। इस झांसे में आकर परिवादी ने विभिन्न तिथियों में अलग-अलग पॉलिसियों के नाम पर कुल बड़ी रकम जमा करवा दी। कुछ समय बाद कंपनी का कार्यालय अचानक बंद हो गया और सभी कर्मचारी घोटाला कर फरार हो गए। निदेशक व डायरेक्टर्स द्वारा फर्जी बॉन्ड, सील, चेक और रसीदें तैयार कर लोगों के साथ बड़ी ठगी की गई थी।
पुलिस अनुसंधान और गिरफ्तारी
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की सूची और रिकॉर्ड प्राप्त किया। मामले में रामअवतार सिंदरिया, देवकरण, पैमाराम, कुलदीप सिंह और ओमप्रकाश पुत्र भोमाराम (निवासी केरिया खेड़ा, थाना आसींद, जिला भीलवाड़ा) के खिलाफ धारा 420, 406 और 120बी आईपीसी के तहत अपराध प्रमाणित पाया गया। न्यायालय द्वारा इन सभी के स्थाई वारंट जारी किए जा चुके थे, तथा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा ओमप्रकाश पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
दिनांक 06 अक्टूबर 2026 को डीएसटी टीम भरतपुर के कांस्टेबल हरिओम और कांस्टेबल अंकित शर्मा ने कड़ी मेहनत और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर वांछित आरोपी ओमप्रकाश को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी थाना बयाना के चार अलग-अलग प्रकरणों में लंबे समय से वांछित चल रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, जिससे ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा होने की संभावना है।

