तखतगढ़ में नेम प्लेट पर नाम के विवाद को लेकर गरमाई सियासत: निर्दलीय पार्षद ने ईओ को आवेदन सौंपकर मांगी आधिकारिक जानकारी
तखतगढ़ / बरकत खां
तखतगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष की सरकारी नेम प्लेट पर अंकित नाम के संबंध में आधिकारिक अभिलेख, आदेश एवं विधिक आधार की जानकारी को लेकर राजनीति गरमा गई है। बुधवार को नगरपालिका कार्यालय में आयोजित 'सेवा सेतु शिविर' के दौरान निर्दलीय पार्षद रामचंद्र जीनगर ने नगरपालिका ईओ महेन्द्र कुमार बंजारा को एक लिखित आवेदन सौंपकर इस मामले में संपूर्ण जानकारी और प्रमाणित दस्तावेजों की मांग की है।
चुनावी अभिलेखों और नेम प्लेट के नाम में भिन्नता का मामला
दिए गए आवेदन में पार्षद ने बताया कि नगरपालिका तखतगढ़ में निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में जय श्री नामा का निर्वाचन हुआ था। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध तमाम चुनावी अभिलेखों और प्रचार सामग्री में उनका नाम 'जय श्री नामा' के रूप में दर्ज रहा है। परंतु वर्तमान में नगरपालिका कार्यालय में अध्यक्ष की सरकारी नेम प्लेट पर "जय श्री मनोज नामा" नाम अंकित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पार्षद ने कहा कि चूंकि नगरपालिका कार्यालय की नेम प्लेट शासकीय अभिलेखीय एवं सार्वजनिक प्रदर्शन का मुख्य हिस्सा है, इसलिए इसकी वैधानिकता स्पष्ट होना आवश्यक है।
मांगी गई प्रमुख जानकारियां और दस्तावेज
लिखित आवेदन के माध्यम से निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्टता और प्रमाणित प्रतियों की मांग की गई है:
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नगरपालिका अध्यक्ष के निर्वाचन संबंधी अभिलेखों और निर्वाचन प्रमाण-पत्र में दर्ज नाम की प्रमाणित प्रति।
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यदि राजपत्र या सक्षम निर्वाचन प्राधिकारी द्वारा नाम प्रकाशित किया गया है, तो उसकी प्रति।
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नगरपालिका कार्यालय की नेम प्लेट पर "जय श्री मनोज नामा" नाम अंकित करने के संबंध में जारी आदेश या निर्देश की प्रमाणित प्रति।
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नेम प्लेट तैयार करवाने और लगवाने की स्वीकृति देने वाले अधिकारी या कर्मचारी का नाम, पदनाम और आदेश की प्रति।
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अध्यक्ष के आधिकारिक निर्वाचन अभिलेखों में नाम 'जय श्री नामा' होने के बावजूद 'मनोज' नाम जोड़े जाने का विधिक और प्रशासनिक आधार।
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यदि इस संबंध में कोई सक्षम आदेश या आधिकारिक नाम परिवर्तन का दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो राजकीय अभिलेखों के अनुरूप नाम करने के लिए की जाने वाली कार्रवाई की सूचना।
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इस मामले से संबंधित अब तक किए गए समस्त पत्राचार, नोटशीट, स्वीकृति, भुगतान बिल, वाउचर और कार्यादेश की प्रमाणित प्रतियां।
पार्षद रामचंद्र जीनगर ने मांग की है कि नगरपालिका प्रशासन नियमानुसार उपर्युक्त सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाते हुए नेम प्लेट पर अंकित नाम की वैधानिकता और आधिकारिक अभिलेखों से उसकी अनुरुपता को स्पष्ट करे।

