4 पीढ़ियों से जहाँ सजती थीं दुकानें, वहाँ कार्रवाई पर फूटा गुस्सा; अधिकारी बोले—'होप सर्कस पर नहीं लगने देंगे बाजार
अलवर / अनिल कुमार गुप्ता
दीपावली पर दुकानों की शिफ्टिंग को लेकर अलवर में भारी बवाल, घंटाघर पर दुकानदारों ने लगाया जाम
अलवर। दीपावली के त्योहार के मुहाने पर खड़े अलवर शहर में सोमवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब नगर निगम और यूआईटी प्रशासन पुराने पटरी बाजार को हटाने की कार्रवाई करने पहुँचा। नई जगह पर दुकानें दिए जाने के बावजूद व्यापारियों ने प्रशासन के इस कदम का कड़ा विरोध किया और देखते ही देखते मामला सड़क पर संग्राम में बदल गया। गुस्साए दुकानदारों ने घंटाघर चौक पर चक्काजाम कर दिया, जिससे पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
कंपनी बाग में बनाया 340 दुकानों का नया हाट बाजार
त्योहारों के दौरान शहर में लगने वाले जाम और अनियंत्रित भीड़ से निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन ने इस बार कंपनी बाग रोड पर एक नया हाट बाजार तैयार कराया था। यहाँ करीब 340 अस्थाई दुकानें बनाई गई हैं, ताकि सड़क किनारे बैठने वाले वेंडर्स को एक जगह व्यवस्थित किया जा सके।
'ग्राहक ही नहीं आते...'—व्यापारियों का छलका दर्द
कार्रवाई के दौरान भड़के पटरी दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें कंपनी बाग रोड पर जगह तो दे दी, लेकिन वहाँ ग्राहकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए। दुकानदारों का आरोप है कि नई जगह पर बिक्री न के बराबर हो रही है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। विरोध जता रहे दुकानदारों ने भावुक होकर कहा, "हमारी चार पीढ़ियाँ इसी पारंपरिक बाजार में दुकानें लगाती आ रही हैं, हमें अचानक यहाँ से बेदखल करना अन्याय है।"
एसडीएम और यूआईटी सचिव का घेराव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में व्यापारी घंटाघर पर जमा हो गए और नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठ गए। मौके पर पहुँचे एसडीएम माधव भारद्वाज और यूआईटी सचिव बीना महावर को व्यापारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ते देख कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और समझा-बुझाकर जाम खुलवाने तथा स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया।
प्रशासन का कड़ा रुख: 'यातायात से समझौता नहीं'
विरोध के बीच एसडीएम माधव भारद्वाज ने प्रशासनिक रुख साफ करते हुए कहा कि त्योहार के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रखना और भीड़ को नियंत्रित करना पहली प्राथमिकता है। उन्होंने दोटूक कहा, "घंटाघर और होप सर्कस जैसे अति-व्यस्त क्षेत्रों में किसी भी सूरत में दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। व्यापारियों के लिए पहली बार व्यवस्थित हाट बाजार बनाया गया है, जहाँ उन्हें स्थानांतरित होना ही पड़ेगा।"

