भरतपुर में खुले भारतीय सिविल अकाउंट सर्विस की राष्ट्रीय अकादमी, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
भरतपुर (विष्णु मित्तल)भारत सरकार द्वारा भारतीय अकाउंट सर्विसेज (आईसीएएस) के अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए राजस्थान में खोली जाने वाली राष्ट्रीय अकादमी भरतपुर शहर के समीप मई गुजर गाँव में खोलने का सुझाव समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दिया है। यह स्थान आवागमन, आवास एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों की दृष्टि से अधिक उपयुक्त है।
गुप्ता द्वारा लिखे गये पत्र में कहा कि भरतपुर में खोले जाने वाली राष्ट्रीय अकादमी के लिए जिला प्रशासन ने सर्वेक्षण कर ग्राम भवनपुरा (तहसील-भरतपुर) एवं ग्राम खटौटी (तहसील-नदबई) के नाम राज्य सरकार को भेजे हैं। किन्तु इन दोनों स्थलों के मुकाबले ऊँचा नगला के पास स्थित मई गुजर गाँव की भूमि अधिक उपयुक्त है। क्योंकि खटौटी क्षेत्र को औद्योगिक विकास के लिए आरक्षित रखा जाना चाहिए जिससे भविष्य में निवेश, नये उद्योगों की स्थापना व सेवा क्षेत्र विकसित होने से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। इसी प्रकार भवनपुरा गाँव की भूमि भी इस राष्ट्रीय अकादमी के लिए किसी भी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है क्योंकि इस पहुँच मार्ग व रेल यातायात से जुड़ाव ठीक प्रकार से नहीं है।
समृद्ध भारत अभियान के निदेशक द्वारा लिखे पत्र में कहा है इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में देश भर के वित्त तथा वित्तीय प्रशासन एवं सार्वजनिक क्षेत्र के प्रबंधकों को गहन प्रशिक्षण दिया जायेगा ! भरतपुर में अकादमी की स्थापना से यह स्थल देश का प्रमुख केंद्र बन जायेगा ! अकादमी स्थापना से भरतपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक विकास होने के साथ साथ सेवा क्षेत्र का विस्तार भी होगा जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नये अवसर प्राप्त होगे ! इसके अलावा इस अकादमी में शोध, सेमीनार एवं प्रशासनिक अध्ययन से सम्बंधित अनेक कार्यक्रम होंगे जिनका लाभ क्षेत्र के शैक्षिक संस्थानों को प्राप्त हो सकता है ! इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान के भरतपुर में स्थापित होने से पूर्वी राजस्थान को देश में विशिष्ठ पहचान मिल सकेगी !