27 दिन में 900 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा: सकट का शिवभक्त दिनेश गंगोत्री से लाया कांवड़, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया जलाभिषेक
सकट / अलवर। कस्बे में आस्था और भक्ति का एक अनोखा और अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब स्थानीय निवासी दिनेश चंद मीणा उत्तराखंड के गंगोत्री से 900 किलोमीटर की दुर्गम पदयात्रा पूरी कर पवित्र गंगाजल से भरी कांवड़ लेकर अपने गांव पहुंचे। कांवड़ यात्रा पूरी होने पर ग्रामीणों ने कांवड़िए का भव्य स्वागत किया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया।
16 जुलाई को गंगोत्री से शुरू की थी पैदल यात्रा ग्रामीण जयनारायण मीणा ने बताया कि शिवभक्त दिनेश चंद मीणा कांवड़ लाने के लिए 15 जुलाई को उत्तराखंड स्थित गंगोत्री पहुंचे थे। वहां से 16 जुलाई को गंगाजल भरकर उन्होंने अपनी पैदल कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया। भीषण गर्मी, बारिश और पहाड़ी रास्तों की परवाह किए बिना दिनेश ने लगातार 27 दिनों तक रोजाना औसतन 30 से 35 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा की और 900 किलोमीटर का सफर तय कर अपने गांव सकट पहुंचे।
पुष्पवर्षा और डीजे की धुन पर थिरके ग्रामीण कांवड़िए दिनेश चंद मीणा के सकट कस्बे की सीमा में प्रवेश करते ही पूरा माहौल 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने पुष्पवर्षा कर, तिलक लगाकर और फूल-मालाएं पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद डीजे की भक्तिमय स्वर लहरियों के बीच नाचते-गाते श्रद्धालुओं ने कांवड़िए के साथ पूरे नगर में परिक्रमा निकाली।
भोमियाजी की जोहड़ी मंदिर में हुआ जलाभिषेक नगर परिक्रमा के पश्चात शिवभक्त दिनेश मीणा ग्रामीणों के साथ भोमियाजी की जोहड़ी स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे। वहां पंडितों द्वारा कराए गए वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान आशुतोष का पवित्र गंगाजल से विधिवत जलाभिषेक किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान जयनारायण, पूरण, रामकिशन, हरिकिशन, श्याम, छुट्टनलाल, रियांश, ऋषभ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं।

