योगीता पब्लिक स्कूल में योग सत्र आयोजित, योगाचार्य केदार नाथ शर्मा बोले—"मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग को बनाएं जीवनशैली"
लक्ष्मणगढ़, अलवर (कमलेश जैन)। श्री गोविंद देव परोपकारी ट्रस्ट के तत्वावधान में मंगलवार को तहसील क्षेत्र के फतेहपुर स्थित 'योगीता पब्लिक स्कूल' में एक दिवसीय विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। पतंजलि योगपीठ के योगाचार्य केदार नाथ शर्मा ने विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को योगाभ्यास कराया तथा योग के विभिन्न शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक आयामों पर प्रकाश डाला।
योग केवल व्यायाम नहीं, आत्मानुशासन की विद्या योगाचार्य केदार नाथ शर्मा ने योग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि योग केवल एक शारीरिक कसरत या वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि यह जीवन दर्शन और आत्मानुशासन की श्रेष्ठ आध्यात्मिक विद्या है। उन्होंने कहा:
"योग व्यक्ति को सीमित सोच से ऊपर उठाकर भीतर से रूपांतरित करने की प्रेरणा देता है। इसे किसी वर्ग विशेष की पूजा-पद्धति मानकर इसके व्यापक स्वरूप को सीमित न करें, बल्कि इसे एक समग्र विज्ञान समझकर अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।"
वैज्ञानिक अवधारणाओं से जोड़ा योग का दर्शन योग सत्र के दौरान योगाचार्य ने भारतीय दर्शन के त्रिगुणों—सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण की व्याख्या आधुनिक विज्ञान के इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की अवधारणाओं से जोड़कर की। उन्होंने अष्ट चक्रों के जागरण और प्राणायाम से शरीर एवं मस्तिष्क पर पड़ने वाले सकारात्मक वैज्ञानिक प्रभावों को भी विद्यार्थियों के सामने सहज रूप से प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों ने किए विभिन्न योगासन और प्राणायाम विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमर सिंह मीना ने बताया कि सत्र के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का उत्साहपूर्वक अभ्यास किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र से ही स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
शिक्षक और विद्यार्थी रहे मौजूद कार्यक्रम में विद्यालय निदेशक मुजेश शर्मा, प्रधानाध्यापक अमर सिंह मीना सहित शिक्षक लालचंद, श्याम सुंदर, दिनेश, पूजा, लक्ष्मी, राजवती, आंचल एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

