मोबाइल बंद, पहचान बदलकर मजदूरी कर रहे थे डोडा-पोस्त तस्कर: पुलिस ने भेष बदलकर ठिकाने से दबोचा,2024 के मामले में थे फरार
जहाजपुर | (मोहम्मद आज़ाद नेब)
जहाजपुर थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे डोडा-पोस्त तस्करी के दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी जिला स्तर पर टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल थे और पुलिस ने इन पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि 20 फरवरी 2024 को लाजरी कांटा के पास कार से अवैध डोडा-पोस्त की तस्करी का मामला सामने आया था। उस समय पुलिस ने दो आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया था, जबकि जमनालाल जाट और रामचन्द्र वैष्णव पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहे थे।
पुलिस ने मजदूर बनकर की रेकी फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन आरोपी हर बार निकल भागते थे। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया था और जिले की सीमा पर मजदूर बनकर छिपकर रह रहे थे। सटीक सूचना मिलने पर पुलिस टीम के सदस्यों ने भी मजदूर का स्वांग रचा और उनके ठिकाने की रेकी की। पहचान पूरी तरह सुनिश्चित होते ही टीम ने घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा।
चित्तौड़गढ़ के रहने वाले हैं दोनों आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमनालाल (पुत्र हरिश्चन्द्र जाट) एवं रामचन्द्र (पुत्र मोहनदास वैष्णव), निवासी श्रीपुरा (थाना भैंसरोड़गढ़, जिला चित्तौड़गढ़) के रूप में हुई है।
इस बेहद सूझबूझ भरी कार्रवाई में थाना प्रभारी दयाराम चौधरी, हेड कांस्टेबल फरीश्रम तथा कांस्टेबल योगेश कल्याण की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध धंधों में लिप्त अपराधियों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।

