रामगढ़ में लगातार दूसरे दिन बारिश से गली-मोहल्ले जलमग्न, पालिका के दावों की खुली पोल; किसानों की चिंता बढ़ी
रामगढ़ (अलवर) कस्बे में जन्माष्टमी से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। सुबह करीब 10 बजे के बाद रुक-रुक कर हुई तेज बारिश से रामगढ़ के कई प्रमुख मार्गों और गली-मोहल्लों में भारी जलभराव हो गया। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने से आमजन और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
- जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार हो रही बारिश ने नगर पालिका की मानसून पूर्व तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मानसून से पहले नालों और नालियों की समुचित सफाई नहीं कराई गई, जिसके चलते पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई और गंदा पानी गलियों में जमा हो गया। कस्बेवासियों ने आक्रोश जताते हुए प्रशासन से स्थायी जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है।
- धार्मिक आयोजनों पर पड़ा असर, उमस से मिली राहत
बारिश का असर धार्मिक कार्यक्रमों पर भी देखने को मिला। कृष्ण यादव समाज मंदिर में आयोजित भंडारे में बारिश के बीच श्रद्धालुओं को खड़े रहकर दाल-बाटी चूरमा का प्रसाद ग्रहण करना पड़ा, हालांकि इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। दो दिन की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लंबे समय से भीषण उमस और गर्मी से जूझ रहे लोगों को खासी राहत मिली है।
- बाजरे और प्याज की फसल को नुकसान की आशंका
आमजन को गर्मी से मिली राहत के बीच इस बेमौसम बारिश ने अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। क्षेत्र में इन दिनों बाजरे की कटाई का काम जोरों पर है। खेतों में कटी पड़ी बाजरे की फसल भीगने से उसके काली पड़ने और सड़ने की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा प्याज की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को भी भारी नुकसान का डर सता रहा है।

