लोहार्गल में संत सूरजदास महाराज का शव मिलने के मामले में गरमाया माहौल; ग्रामीणों व संत समाज के बंद के आह्वान के बाद प्रशासन से बनी सहमति
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव)
प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल लोहार्गल में तीन दिनों से लापता चल रहे बरखंडी धाम के संत सुरजदास महाराज का शव सोमवार को पहाड़ी क्षेत्र में झाड़ियों के बीच संदिग्ध अवस्था में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटनास्थल दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने और पर्याप्त सुविधाओं के अभाव के चलते सोमवार को शव का रेस्क्यू नहीं किया जा सका था, जिससे संत समाज में भारी रोष व्याप्त हो गया। इसके विरोध में संत समाज और ग्रामीणों ने मंगलवार को लोहार्गल बंद का आह्वान किया और गोल्याणा सर्किल पर शव रखकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
एसडीआरएफ टीम ने निकाला शव, निकाली गई शवयात्रा
परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से आए एचसी ओमप्रकाश के नेतृत्व में एसडीआरएफ की 7 सदस्यीय टीम ने स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के सहयोग से मंगलवार दोपहर को कड़ी मशक्कत के बाद दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र से संत का शव बाहर निकाला। इसके पश्चात लोहार्गल से गोल्याणा तक एक शवयात्रा निकाली गई, जहां बड़ी संख्या में संतों और ग्रामीणों ने अपने विचार रखे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन के साथ वार्ता में इन मांगों पर बनी सहमति
मामले की गंभीरता को भांपते हुए झुंझुनूं एएसपी देवेंद्र सिंह और नवलगढ़ उपखंड अधिकारी प्रांजल कंवर मौके पर पहुँचे और संतों के साथ वार्ता की। लंबी बातचीत के बाद प्रशासन और संत समाज के बीच निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी:
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घटना को अंजाम देने वाले दोषियों को 7 दिन के भीतर गिरफ्तार किया जाए।
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लोहार्गल पुलिस चौकी पर पुलिस कर्मियों की नियमित तैनाती की जाए।
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लोहार्गल क्षेत्र में रात्रि के समय बाहरी वाहनों और व्यक्तियों का प्रवेश बंद किया जाए तथा असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
प्रशासन द्वारा इन मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद संत के शव का नवलगढ़ जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद किरोड़ी धाम में उनका विधिवत और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
यह रहे प्रमुख रूप से मौजूद
इस दौरान शंकर दास महाराज, स्वामी अवधेशाचार्य महाराज, अश्विनी दास महाराज, हेमंत दास महाराज, सांवताराम भगत, घनश्याम दास महाराज, योगीदास महाराज, पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा, राजेंद्र सैनी, जगमोहन सिंह, बलबीर दास, दुर्गेश वैष्णव, राजेश शर्मा और पवन स्वामी सहित सैकड़ों ग्रामीण और संत समाज के लोग उपस्थित रहे।

