भरतपुर से 17 सदस्यीय दल ने की पाली सम्मेलन में सहभागिता: औद्योगिक विकास और नई नीतियों पर हुआ गहन मंथन
पाली: लघु उद्योग भारती का प्रदेश उद्यमी सम्मेलन संपन्न, मुख्यमंत्री ने उद्योगों से मांगा एक्शन प्लान, भरतपुर से 17 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
लघु उद्योग भारती, राजस्थान द्वारा रविवार को पाली की श्री अग्रसेन वाटिका में भव्य प्रदेश सम्मेलन एवं प्रदेश उद्यमी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, समस्याओं और संभावनाओं पर खुलकर विचार-विमर्श किया।
मुख्यमंत्री ने मांगा एक्शन प्लान, नीतियों पर चर्चा
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उद्यमियों से औद्योगिक विकास के लिए ठोस 'एक्शन प्लान' तैयार कर सरकार के साथ साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि उद्योगों से जुड़े विषयों पर राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस दौरान जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र के विकास, जल उपलब्धता, और आधारभूत सुविधाओं पर चर्चा हुई। साथ ही, राजस्थान पॉलिसी-2025, एमएसएमई पॉलिसी, एक्सपोर्ट पॉलिसी और टेक्सटाइल नीतियों के माध्यम से उद्यमियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी जोर दिया गया।
भरतपुर इकाई से 17 पदाधिकारियों की सक्रिय सहभागिता
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में लघु उद्योग भारती की भरतपुर इकाई, महिला इकाई, पहाड़ी इकाई और बयाना इकाई से कुल 17 पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता की।
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भरतपुर इकाई: अध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह कुंतल, उपाध्यक्ष दीनदयाल सिंघल, सचिव राहुल बंसल, कोषाध्यक्ष मनीष सिंघल और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संजय चौधरी उपस्थित रहे।
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महिला इकाई: अध्यक्ष हरप्रीत कौर, सचिव राधा अग्रवाल, तथा सदस्य सजल बंसल, सीनू बंसल व रिचा सिंघल ने भाग लिया।
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पहाड़ी व बयाना इकाई: पहाड़ी से अध्यक्ष दौलत फौजदार, धीरज सिंह, त्रिलोकनाथ शर्मा, राजपाल अग्रवाल, शिवकुमार सिंह तथा बयाना से अध्यक्ष नितिन सिंघल व केतन बंसल शामिल हुए।
व्यापारिक अवसरों और नेटवर्किंग पर जोर
लघु उद्योग भारती भरतपुर के सचिव राहुल बंसल ने बताया कि यह सम्मेलन संगठन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिससे उद्यमियों को आपसी नेटवर्किंग बढ़ाने और अपनी समस्याओं को सामूहिक रूप से सरकार के समक्ष रखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सम्मेलन से प्राप्त अनुभवों का उपयोग कर स्थानीय स्तर पर औद्योगिक समस्याओं के समाधान और नए उद्यमियों को जोड़ने का कार्य किया जाएगा।

