एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण पर सख्त प्रशासनिक रुख: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन ने यातायात प्रबंधन के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने के दिए निर्देश
भरतपुर: यातायात के सुगम प्रबंधन और वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस रोडमैप तैयार करें अधिकारी—मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन
भरतपुर / कोशलेन्द्र दत्तात्रेय
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवासन ने सोमवार को भरतपुर कलक्ट्रेट सभागार में भरतपुर, अलवर, डीग, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रयासों का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे होने चाहिए।
सड़क धूल नियंत्रण और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण केवल किसी एक विभाग का दायित्व नहीं है, बल्कि सभी विभागों, स्थानीय निकायों और आमजन के समन्वित प्रयासों से ही इसके स्थायी परिणाम मिल सकते हैं। उन्होंने रीको औद्योगिक क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने तथा प्रमुख शहरी क्षेत्रों में जाम की समस्या से निजात पाने के लिए ट्रैफिक डिजाइन और ठोस रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनों के संचालन की जीपीएस आधारित नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।
वाहन प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए ‘नो पीयूसीसी-नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत चिन्हित पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा, कृषि विभाग को आधुनिक कृषि यंत्रों, कस्टम हायरिंग सेंटर और क्रॉप रेजीड्यू मशीनों के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
भरतपुर और अन्य जिलों में सुधार की स्थिति
बैठक के दौरान जिला कलक्टर कमर चौधरी ने जानकारी दी कि भरतपुर में किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप पीएम 10 का स्तर 164 से घटकर 78 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तथा एक्यूआई 152 से घटकर 78 पर आ गया है। इसके अलावा नागला लोधा लिगेसी वेस्ट साइट पर कचरे का सफल निस्तारण किया गया है।
अलवर जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला, डीग कलक्टर मयंक मनीष, खैरथल-तिजारा कलक्टर अतुल प्रकाश और कोटपूतली-बहरोड़ कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने अपने-अपने जिलों में सड़क धूल नियंत्रण, मैकेनिकल स्वीपिंग, कचरा निस्तारण और ई-बसों के संचालन से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा, सीईओ मृदुल सिंह, बीडीए आयुक्त कनिष्क कटारिया, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

