खैरथल राजकीय महाविद्यालय: रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण का तीसरा दिन, छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के मूलभूत 'पंच'
खैरथल (एंकर: हीरालाल भूरानी): राजकीय महाविद्यालय, खैरथल में संचालित 'रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम' के तीसरे दिन मंगलवार को छात्राओं ने आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. महेश गोठवाल ने बताया कि इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास, साहस, सजगता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है, ताकि वे विषम और संकटपूर्ण परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकें।
पुलिस कर्मियों ने सिखाए आत्मरक्षा के पांच बुनियादी पंच प्रशिक्षण सत्र के दौरान मुंडावर थाने से कांस्टेबल पुष्पा के नेतृत्व में आई टीम—कविता, सुषमा और ममता ने छात्राओं को आत्मरक्षा के पाँच बुनियादी पंचों का बारीकी से अभ्यास कराया। इनमें स्ट्रेट पंच (सीधा प्रहार), जैब पंच, क्रॉस पंच, हुक पंच और अपरकट पंच जैसी तकनीकें शामिल रहीं। प्रशिक्षकों ने छात्राओं को इन तकनीकों के सही अभ्यास, शारीरिक संतुलन बनाए रखने, उचित दूरी रखने और सुरक्षा संबंधी सावधानियों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर के दिखाया।
इसके साथ ही, खैरथल थाने की कांस्टेबल शर्मिला और मनीषा ने भी छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी संकटपूर्ण स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, सूझबूझ और आत्मविश्वास के साथ त्वरित निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को संभावित खतरों के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर सीखी गई तकनीकों का सही उपयोग करने का संदेश दिया।
65 छात्राओं ने लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सरस्वती मीणा ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण के दौरान लगभग 65 छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और आत्मरक्षा के व्यावहारिक पहलुओं को आत्मसात किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं स्टॉफ सदस्य डॉ. जाकिर हुसैन, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. राहुल वर्मा, राजवीर सिंह मीणा, प्रभु दयाल, सौम्या बारेठ और विक्रम सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

