माता खीमज के जयकारों से गूंजा तखतगढ़: सोलंकी वंशज घांची समाज की 9वीं पैदल संघ यात्रा भीनमाल तलेटी के लिए धूमधाम से रवाना
तखतगढ़ (बरकत खां)
शारदीय नवरात्र के पावन पर्व और शुभारंभ के दूसरे दिन सोमवार को तखतगढ़ कस्बे में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सोलंकी वंशज के घांची समाज सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाली 9वीं भव्य पैदल संघ यात्रा तखतगढ़ से भीनमाल तलेटी स्थित माँ क्षेमंकरी (खीमज माता) के धाम के लिए पूरी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ रवाना हुई।
गाजे-बाजे और जयकारों के साथ हुई शुरुआत
सोमवार की सुबह स्थानीय नाग चौक से खारचियावास, धोरावास और शहर के विभिन्न वार्डों से सोलंकी वंशज के घांची समाज के सैकड़ों पुरुष, महिलाएं, युवा और युवतियां एकत्र हुए। इस दौरान पारंपरिक शाहीरथ में कुलदेवी माँ क्षेमंकरी की तस्वीर स्थापित की गई और साथ में बोलीदाता विराजमान हुए।
डीजे साउंड की धुन और ढोल-थाली की गूंज के बीच सभी श्रद्धालुओं ने गले में केसरिया दुपट्टा पहन रखा था। "सोलंकियों री कुलदेवी माँ खीमज माता की जय" के गगनभेदी जयकारों से पूरा तखतगढ़ कस्बा भक्तिमय हो गया।
कुलदेवी के दरबार की ओर बढ़ रहे कदम
श्रद्धालुओं का यह पैदल संघ तखतगढ़ से रवाना होकर भीनमाल तलेटी स्थित माँ क्षेमंकरी के दरबार की और बढ़ रहा है। यात्रा के दौरान जगह-जगह समाजजनों और श्रद्धालुओं द्वारा यात्रियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया जा रहा है। इस धार्मिक यात्रा को लेकर समाज के लोगों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।

