जयपुर में गौ सम्मान अधिकार हुंकार महासम्मेलन: तीन माह के अकाल राहत पैकेज और लंबित अनुदान भुगतान पर बनी सहमति
जयपुर (मिश्रीलाल लखारा)
राजस्थान में गौशालाओं के समक्ष उत्पन्न आर्थिक और व्यवस्थागत समस्याओं के समाधान तथा गौ सेवा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर राजधानी जयपुर के पिंजरापोल गौशाला के प्रांगण में 'गौ सम्मान अधिकार हुंकार महासम्मेलन' का भव्य आयोजन किया गया। राजस्थान गौ सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस महासम्मेलन में शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज एवं मलूक अग्रपीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। इस सम्मेलन में प्रदेशभर से हजारों गौशाला संचालक, सैकड़ों संत-महात्मा और बड़ी संख्या में गौभक्त शामिल हुए।
प्रमुख संतों और पदाधिकारियों की उपस्थिति
महासम्मेलन में राजस्थान गौ सेवा समिति के अध्यक्ष संत गोविंदराम शास्त्री (उत्तराधिकारी रामधाम खेड़ापा), संयोजक महंत बुधगिरी महाराज दिनेश गिरी (सीकर), उपाध्यक्ष रघुनाथ भारती, सलाहकार रघुनाथ सिंह राजपुरोहित, कोषाध्यक्ष कमल किशोर चांडक तथा संगठन मंत्री रामदास शास्त्री (देवरी धाम, भोपालगढ़) सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने गोवंश संवर्धन और गौशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रमुख समस्याओं पर चर्चा और तीन माह के अकाल राहत पैकेज पर सहमति
सम्मेलन के दौरान गौशाला संचालकों को पिछले 5-6 महीनों से लंबित अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने, अनुदान की रिकवरी से जुड़ी कार्रवाई तथा अकाल राहत पैकेज उपलब्ध कराने जैसी गंभीर समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद गौशालाएं निराश्रित गोवंश की सेवा में जुटी हैं, लेकिन समय पर अनुदान न मिलने से चारे-पानी का संकट खड़ा हो जाता है।
राज्य सरकार की ओर से गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत एवं केके बिश्नोई प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रहे। संतों और गौशाला संचालकों की मांग पर विचार करते हुए सरकार के प्रतिनिधियों ने तीन माह के अकाल राहत पैकेज की घोषणा और लंबित गौशाला अनुदान राशि के शीघ्र भुगतान पर अपनी सहमति जताई।
समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए बनेगी समन्वय समिति
गौशालाओं की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और गौशाला प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने हेतु एक समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया। इस समिति में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और गौभक्त शामिल होंगे, जो गौशालाओं की समस्याओं का अध्ययन कर उनके त्वरित निराकरण के लिए सुझाव देगी। इस महासम्मेलन से गौशाला संचालकों में एक नई उम्मीद जगी है और अब सभी की निगाहें राहत पैकेज के क्रियान्वयन पर टिकी हैं।

