भरतपुर: भवन निर्माण उपकर जमा नहीं कराने पर 24% ब्याज और शत-प्रतिशत पेनल्टी, प्रशासन ने दिए वसूली में तेजी के निर्देश
भरतपुर, 14 अक्टूबर कोशलेन्द्र दत्तात्रेय : भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम, 1996 के तहत गठित जिला स्तरीय बीओसीडब्ल्यू (BOCW) टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर राजीव शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में एडीएम ने श्रम विभाग और निर्माण से जुड़ी सरकारी संस्थाओं को भवन निर्माण उपकर (Cess) की वसूली में तेजी लाने, सर्वे करने और बकायादारों को नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए।
जुलाई 2009 के बाद की स्वीकृतियों का मांगा गया ब्योरा एडीएम राजीव शर्मा ने नगरीय निकायों, भरतपुर विकास प्राधिकरण (BDA), आरयूआईडीपी (RUIDP) सहित अन्य संबंधित संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे अपने द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों और काटे गए उपकर की नियमित सूचना श्रम विभाग को भेजें। साथ ही, जुलाई 2009 के बाद जारी की गई सभी निर्माण स्वीकृतियों की सूची उपलब्ध कराने और हर माह की 10 तारीख तक शत-प्रतिशत अनुपालना रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन विभागों ने उपकर काटकर अपने पास रखा हुआ है, वे एक सप्ताह के भीतर निर्धारित मद में राशि जमा कराएं।
अब तक 4.14 करोड़ उपकर जुटाया, 305 नियोजकों को नोटिस जारी बैठक में संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त हसीना बानो ने बताया कि जिले में अब तक निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 4.14 करोड़ रुपये का उपकर अर्जित कर लिया गया है। शहर में स्थित निजी वाणिज्यिक भवनों, शॉपिंग मॉल, मैरिज गार्डन और होटलों में श्रम निरीक्षकों के माध्यम से लगातार सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सितंबर और अक्टूबर 2026 में उपकर जमा न कराने वाले 305 नियोजकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नियम के अनुसार कुल निर्माण लागत का 1 प्रतिशत उपकर विभाग में जमा कराना अनिवार्य है।
24% ब्याज और शत-प्रतिशत पेनल्टी का सख्त प्रावधान संयुक्त श्रम आयुक्त ने बताया कि यदि निर्धारित समय में भवन निर्माण उपकर जमा नहीं कराया जाता है, तो भू-राजस्व अधिनियम के तहत तहसीलदार के माध्यम से वसूली की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। ऐसे मामलों में 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और बकाया राशि पर 100 प्रतिशत (शत-प्रतिशत) पेनल्टी लगाने का कड़ा कानूनी प्रावधान है।
बैठक में निर्माण कार्यों से जुड़े विभिन्न सरकारी विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।

