भीलवाडा :पंचायतराज चुनाव टिकट वितरण में माली समाज की घोर उपेक्षा से जबरदस्त आक्रोश, बैठक में बनेगी आगे की रणनीति
गुरला (बद्री लाल माली): आगामी पंचायतीराज चुनावों के दौरान दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा जिला परिषद सदस्यों के टिकट वितरण में माली (सैनी) समाज की घोर उपेक्षा किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। समाज के लोगों का आरोप है कि उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व और एक भी जिला परिषद सदस्य का टिकट माली समाज के प्रत्याशी को नहीं मिलने के कारण समाज में भारी रोष व्याप्त है।
डेढ़ लाख मतदाताओं की अनदेखी का आरोप राजस्थान प्रदेश माली (सैनी) महासभा के प्रदेश महामंत्री गोपाल लाल माली ने कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में माली समाज के करीब डेढ़ लाख मतदाता होने के बावजूद दोनों ही मुख्य राजनीतिक दलों ने समाज की संख्यात्मक ताकत के अनुरूप टिकट वितरण में भागीदारी सुनिश्चित नहीं की है। चुनाव के वक्त राजनीतिक दल समाज के वोटों की पूरी उम्मीद रखते हैं, लेकिन जब प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की बारी आती है, तो समाज की अनदेखी कर दी जाती है। पंचायत समिति और जिला परिषद जैसे महत्वपूर्ण स्थानीय निकायों में उचित प्रतिनिधित्व न मिलने से समाज के युवाओं और वरिष्ठजनों में गहरी नाराजगी है।
शीघ्र होगी समाज की बैठक, आंदोलन पर हो सकता है विचार इस गंभीर मुद्दे को लेकर राजस्थान प्रदेश माली (सैनी) महासभा के जिलाध्यक्ष भैरूलाल माली ने घोषणा की है कि समाज की एक अतिशीघ्र महत्वपूर्ण बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में टिकट वितरण में हुई उपेक्षा, राजनीतिक हिस्सेदारी और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक में यह भी तय किया जा सकता है कि राजनीतिक दलों के सामने अपनी बात को किस प्रकार रखा जाए तथा समाज के हक के लिए आंदोलन या अन्य कौन से कड़े कदम उठाए जाएं।
राजनीतिक दलों के लिए यह स्थिति एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है, क्योंकि लोकतंत्र में संख्याबल और भागीदारी का संतुलन बेहद अहम होता है। अब सबकी निगाहें माली समाज की होने वाली आगामी बैठक और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।

