नारायणपुर से धामेड़ा धाम गौशाला का दल जयपुर महासभा में शामिल: गौशालाओं के समक्ष आ रही चुनौतियों के समाधान की मांग
नारायणपुर / कोटपुटली-बहरोड
राजस्थान में गौवंश संरक्षण, गौशालाओं के समक्ष आ रही आर्थिक एवं व्यवस्थागत समस्याओं तथा गौसेवा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए शुक्रवार को राजधानी जयपुर के सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला में विशाल 'गौ-अधिकार हुंकार महासभा' का आयोजन किया गया। राजस्थान गौ सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस महासभा में प्रदेशभर से संत-महात्माओं, गौभक्तों, गोसेवकों, गोपालक किसानों और गौशाला संचालकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
धामेड़ा धाम गौशाला का दल रहा शामिल
इस महत्वपूर्ण महासभा में बाबा पीर संज्यानाथजी महाराज गौशाला समिति, धामेडा धाम (नारायणपुर) की ओर से भी एक प्रतिनिधिमंडल ने सक्रिय रूप से शिरकत की। दल में गौशाला के कोषाध्यक्ष महेश कुमार सैनी, सदस्य सुनील कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष महेश चंद सैनी, गौभक्त पूरनसिंह लोधी, अजीत गुर्जर, कैलाश चंद सैनी और श्योराम खटाना सहित कई प्रबुद्धजन शामिल रहे।
गौशालाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों पर चर्चा
महासम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई और सीमित संसाधनों के कारण गौशालाओं का संचालन बेहद कठिन होता जा रहा है। चारे, पानी और गोवंश के उचित रखरखाव से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में गौवंश के संरक्षण और गौशालाओं को आवश्यक सरकारी व सामाजिक सहयोग दिलाने के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करना बेहद आवश्यक है।
संतों का मिला पावन सानिध्य
इस विशाल महासभा में द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज सहित देश-प्रदेश के कई जाने-माने संत-महात्मा, गौरक्षक और हजारों की संख्या में गौभक्त उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में गौ सेवा को भारतीय संस्कृति का मूलाधार बताते हुए गौशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

