पहलवानों की नगरी पुर के विनीत बिश्नोई ने दिल्ली में लहराया परचम, राष्ट्रीय स्कूली कुश्ती प्रतियोगिता में जीता गोल्ड
पुर (भीलवाड़ा / राजकुमार गोयल) पहलवानों की नगरी पुर के होनहार पहलवान विनीत बिश्नोई ने दिल्ली में आयोजित अंडर-14 राष्ट्रीय स्कूली कुश्ती प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 38 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। विनीत की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पुर नगर सहित पूरे भीलवाड़ा जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
विनीत बिश्नोई शिव व्यायामशाला पुर के प्रतिभाशाली पहलवान हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और बेहतरीन कुश्ती कौशल का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, कठिन परिश्रम और परिवार के साथ प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
कोच कल्याण बिश्नोई के मार्गदर्शन में निखर रही युवा प्रतिभाएं
शिव व्यायामशाला पुर में कोच कल्याण बिश्नोई के सानिध्य में युवा पहलवानों को कुश्ती का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां खिलाड़ियों को कुश्ती की बारीकियां, तकनीक, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और प्रतियोगिताओं के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाता है। कोच कल्याण बिश्नोई के निरंतर मार्गदर्शन और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि पुर के पहलवान लगातार विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
पहलवान पिता गोपाल बिश्नोई का भी बेटे की सफलता में अहम योगदान
विनीत की सफलता के पीछे उनके पिता गोपाल बिश्नोई का समर्पण भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। गोपाल बिश्नोई स्वयं भी कुश्ती के अच्छे पहलवान हैं और उन्हें कुश्ती का गहरा अनुभव है। वे अपने बच्चों को रोजाना शिव व्यायामशाला लेकर जाते हैं, जहां बच्चे नियमित रूप से अभ्यास करते हैं। इतना ही नहीं, गोपाल बिश्नोई स्वयं भी व्यायामशाला में पहलवानों को अभ्यास करवाने और उनकी तैयारी में सहयोग देने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
एक पहलवान पिता होने के नाते वे बच्चों को बचपन से ही कुश्ती के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि नियमित अभ्यास, अनुशासन, मेहनत और सही मार्गदर्शन से ही खिलाड़ी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं। पिता का प्रोत्साहन, कोच कल्याण बिश्नोई का प्रशिक्षण और विनीत की मेहनत आज स्वर्ण पदक के रूप में सामने आई है।
पुर की कुश्ती का नाम अब देशभर में रोशन
पुर की धरती से निकलकर युवा पहलवान राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। कुश्ती के क्षेत्र में पुर की पहचान अब केवल भीलवाड़ा और राजस्थान तक सीमित नहीं रही, बल्कि यहां के खिलाड़ी देशभर में अपनी उपलब्धियों से पहचान बना रहे हैं। विनीत बिश्नोई का गोल्ड मेडल इसी गौरवशाली परंपरा की एक और महत्वपूर्ण कड़ी है।
खेल जगत में खुशी, उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
विनीत की शानदार सफलता पर शिव व्यायामशाला के पहलवानों, कोच, खेल प्रेमियों, परिजनों एवं नगरवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। सभी ने विनीत बिश्नोई, उनके पिता गोपाल बिश्नोई और कोच कल्याण बिश्नोई को बधाई देते हुए कहा कि पुर की मिट्टी में कुश्ती की प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
विनीत की यह उपलब्धि पुर के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। नगरवासियों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में पुर की शिव व्यायामशाला से और भी प्रतिभाशाली पहलवान निकलेंगे और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश-प्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे।

