गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने और कड़े कानून बनाने की उठी मांग; लक्ष्मणगढ़ में ‘गो सम्मान आवाहन तृतीय चरण अभियान’ के तहत आयोजित हुई बैठक
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) कस्बे के जालूकी रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर परिसर में ‘गो सम्मान आवाहन तृतीय चरण’ अभियान के अंतर्गत गोसेवकों की एक बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम संत श्री गोबर दास जी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ, जिसमें गोवंश के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन को लेकर केंद्र व राज्य सरकार से जुड़ी प्रमुख मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया गया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भारतभर में विभिन्न गोसेवा संगठन गोमाता की प्रतिष्ठा और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत केंद्र सरकार से गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग की गई। साथ ही मांग रखी गई कि गोवंश को सामान्य पशु श्रेणी की सूची से बाहर कर गोसंरक्षण विषय को राज्य सूची से हटाकर केंद्र सूची में शामिल किया जाए, ताकि पूरे देश में समान व्यवस्था लागू हो सके।
कार्यक्रम में उपस्थित गोसेवकों ने राष्ट्रीय पक्षी मोर और शेर की तर्ज पर गोवंश के संरक्षण हेतु सख्त राष्ट्रीय कानून बनाने तथा गो-हत्या पर देशव्यापी पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग दोहराई। इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसानों से सरकारी स्तर पर गोमूत्र व गोबर की खरीद शुरू करने, गोचर (चारागाह) भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर नंदी शाला का निर्माण कराने का प्रस्ताव पारित किया गया।
महाराज श्री गोबर दास जी ने बताया कि गोवंश की रक्षा और सम्मान के लिए यह जनजागरण अभियान गाँव-गाँव तक निरंतर जारी रहेगा। इस अवसर पर गो सांसद केदार नाथ शर्मा, मोनू, भरत, मोहित, विष्णु, लखन, दीपक, जीतू सहित क्षेत्र के अनेक प्रबुद्ध नागरिक व गोसेवक उपस्थित रहे।

