रिटायर्मेंट से 6 महीने पहले पीडब्ल्यूडी (PWD) का अधिशाषी अभियंता 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, पेट्रोल पंप की NOC की मंजूरी के लिए 1 लाख मांगे
अलवर, (अनिल गुप्ता) राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आज एक बड़ी कार्यवाही करते हुए अलवर में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशाषी अभियंता (TA) कृष्ण अवतार गुप्ता को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पेट्रोल पंप की एनओसी (NOC) जारी करने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था।
एसीबी महानिदेशक के अनुसार, परिवादी ने एसीबी चौकी, अलवर पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बड़े भाई के पुत्र के नाम से ग्राम बरखेड़ा (लक्ष्मणगढ़ रोड, SH-44) में HPCL कंपनी का पेट्रोल पंप स्थापित करने हेतु LOI जारी की गई है। इसके लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के बदले एईएन कृष्ण अवतार द्वारा 1,00,000 रुपए की मांग की जा रही है। बार-बार आग्रह करने के बाद आरोपी अधिकारी 35,000 रुपये रुपए लेने पर सहमत हुआ।
शिकायत का सत्यापन करने के पश्चात, एसीबी के डीएसपी सब्बीर और उनकी टीम ने जाल बिछाया। परिवादी ने योजना के अनुसार: -
- 01 मई: रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपए दिए।
- 03 मई: शेष 25,000 रुपए देने के लिए आरोपी ने परिवादी को अपने आवास (स्कीम-8) पर बुलाया।
जैसे ही परिवादी ने आरोपी एईएन को रिश्वत की राशि सौंपी, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है।
पत्नी को भी जेल भेजने की थी तैयारी:
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने परिवादी को पहले पैसे अपनी पत्नी को देने के लिए कहा था। यदि परिवादी ऐसा करता, तो आरोपी के साथ उसकी पत्नी की भी गिरफ्तारी सुनिश्चित थी। हालांकि, परिवादी के विवेक और एसीबी की रणनीति से आरोपी स्वयं ही पैसे लेते पकड़ा गया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक श्रीमती एस परिमला के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है। ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम तकनीकी अनुसंधान किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि आरोपी कृष्ण अवतार की सरकारी सेवा के केवल 6 महीने शेष थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अरावली विहार थाने लाया गया, जहाँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
एसीबी की अपील: यदि कोई भी लोक सेवक किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 पर सूचित करें।


