IIMLS द्वारा स्वरांजली 2026 के तहत 'नगमों की बारात' कार्यक्रम आयोजित, कलाकारों ने पेश किए सुरीले नगमे
जयपुर/हीरालाल भूरानी
इण्डिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसायटी (IIMLS) द्वारा स्वरांजली 2026 के तहत ‘नगमों की बारात’ (नए-पुराने गीतों की माला) का लगातार छठे वर्ष 115वाँ संगीतमय कराओके कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
संस्थाध्यक्ष गोपेन्द्र पाल सिंह राठौड़ और संस्थापक डॉ. लाल थदानी ने बताया कि वैशाली नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में ‘म्यूजिक इज मेडिटेशन एंड थेरेपी’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में नवोदित और अनुभवी कलाकारों के सुर, ताल, संगीत व नृत्य का अद्भुत संगम देखने को मिला।
अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीआरपीएफ 2 डीआईजी डीएस मान, डॉ. लॉरेंस बैंडो, डॉ. जय सिंह मीणा एवं डॉ. एनके माथुर ने सभी गायकों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। सुधीर तोमर ने संगीत थेरेपी के क्षेत्र में डॉ. लाल और डॉ. दीपा थदानी के योगदान को अनुकरणीय बताया।
सदाबहार गीतों पर झूमे श्रोता: समारोह में शरद शर्मा, अनिल गोयल, लक्ष्मण हरजानी, डॉ. शंभू, नरेंद्र यादव, पूजा जैसवाल, दिनेश, मोहन मिश्रा, दिव्या कजवाड़कर, दृष्टि भगदड़े, रश्मि पाल, डॉ. प्रताप पिंजॉनी सहित अन्य कलाकारों ने— 'आ के तेरी बाहों में', 'गुलाबी आंखें', 'किताबें बहुत सी पढ़ी होंगी', 'दिल में हो तुम', 'खिलते हैं गुल यहां', 'छू कर मेरे मन को', 'ओ मेरे दिल के चैन' और 'झिलमिल सितारों का आंगन होगा' जैसे एक से बढ़कर एक लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की अगवानी राजकुमार लोहिया व कुमकुम जैन ने की, जबकि व्यवस्थाओं में पूनम मिश्रा, रिद्धिम, संजीव शर्मा, नवीन भार्गव और रवींद्र माथुर का विशेष सहयोग रहा। मंच संचालन केआर गुनरात ने किया। अंत में अध्यक्ष गोपेंद्र पाल सिंह राठौड़ ने सभी अतिथियों व कलाकारों का आभार व्यक्त किया।

