करोड़ों के स्टेट हाईवे का खुला सच:विधायक के निरीक्षण के महीने भर बाद ही उखड़ी सड़क,हाईवे की गुणवत्ता पर उठे सवाल
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब)। जहाजपुर से देवली के बीच निर्माणाधीन करोड़ों रुपये की लागत वाले स्टेट हाईवे-134 के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह संपन्न भी नहीं हुआ है कि हाल ही में बिछाई गई डामर की परत जगह-जगह से उखड़ चुकी है और सड़क पर गिट्टियां बिखर गई हैं। इस स्थिति के बावजूद वाहन चालकों से लगातार टोल वसूला जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों में गहरा आक्रोश है।
गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले ही लंबे समय से ठप पड़ा निर्माण कार्य फिर से शुरू हुआ था। उस समय स्थानीय विधायक ने मौके पर पहुंचकर कार्य का निरीक्षण किया था और गुणवत्ता बनाए रखने का दावा किया गया था। हालांकि, पहली बारिश में ही जिस हिस्से में हाल ही में डामरीकरण किया गया था, वह जवाब देने लगा है।
गुणवत्ता की पोल खुली, उठे सवाल सड़क की मौजूदा स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि जब शुरुआती बारिश में ही नई परत उखड़ गई, तो भारी वाहनों की आवाजाही और तेज बारिश के दौरान सड़क कितने दिन टिक पाएगी। लोगों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सड़क ही पूरी नहीं बनी और नई डामर भी टूट रही है, तो आखिर किस सुविधा का टोल वसूला जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी: कांग्रेस ने लगाया कमीशनखोरी का आरोप मामले पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेता बाबूलाल खटीक ने कहा कि सड़क का बजट स्वीकृत हुए लगभग दो साल बीत चुके हैं, लेकिन यह परियोजना कमीशनखोरी की भेंट चढ़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर मामला उठने के बाद स्थानीय विधायक ने 11 जुलाई को निरीक्षण का दावा किया था, लेकिन विडंबना यह है कि जिस हिस्से का जायजा लिया गया था, वहीं एक महीने के भीतर गहरे गड्ढे बन गए।
विभाग का पक्ष: बारिश से बैठा डामर, काम जारी राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (RSRDC) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ऋषि कुमार का कहना है कि सड़क पर डीबीएम (Dense Bituminous Macadam) की परत डालने के बाद बीसी (Bituminous Concrete) की अंतिम परत बिछाई जानी थी। लेकिन अंतिम परत से पहले बारिश होने के कारण पानी नीचे चला गया, जिससे सड़क धंस गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित हिस्से को हटाकर दोबारा दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।

