किशोरपुरा में पैंथर का आतंक: मवेशी उठाने से गुस्साए ग्रामीणों का प्रदर्शन, प्रशासन को दिया बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव) उपखंड क्षेत्र के किशोरपुरा स्थित चामुंडा माता मंदिर की तलहटी में पैंथर के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। एक गरीब परिवार की बकरी को पैंथर सांकल सहित उठा ले गया, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अरावली की पहाड़ियों में घूम रहे पैंथर को जल्द अभयारण्य में नहीं भेजा गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- गरीब बेवा की आजीविका पर संकट
प्रमुख समाजसेवी सुरेश मीणा किशोरपुरा ने बताया कि पीड़िता बेवा गीता देवी कुमावत नरेगा में मजदूरी करती हैं। उन्होंने पाई-पाई जोड़कर नवलगढ़ से 15 हजार रुपये में बकरी खरीदी थी, जिससे उनके परिवार के चाय-पानी का खर्चा चलता था। रात को पैंथर बाड़े में बंधे इस मवेशी को सांकल सहित खींचकर ले गया।
- लगातार हो रहे हैं हमले
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व पैंथर ने मोहन लाल कुमावत की बकरियों और टीबा वाला क्षेत्र में पांडु सैनी के बाड़े में घुसकर कई भेड़-बकरियों को मौत के घाट उतार दिया था। लगातार हो रहे हमलों से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
- गांव-गांव चलेगा जन जागरण अभियान
सुरेश मीणा, सरपंच मोहन लाल सैनी, शिंभू दयाल सैनी और नरेश कुमावत ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों और जिला कलेक्टर को कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब प्रशासन को नींद से जगाने के लिए गांव-गांव में जन जागरण अभियान चलाया जाएगा और जल्द ही इस मुद्दे को लेकर जयपुर में सरकार के प्रतिनिधियों से वार्ता की जाएगी।
विरोध प्रदर्शन के दौरान श्रीराम कुमावत, शंकर सिंह शेखावत, सांवल कुमावत, मुकेश कुमावत, जिन्ना सैनी, हरचंद मेघवाल, बाबूलाल मेघवाल, अजय सैनी, हंसराज, रोहित कुमार, निजामुद्दीन अली, छोटेलाल गुर्जर और सीताराम कुमावत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

