खैरथल में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, भाजपा 8 पर सिमटी 20 सीटों के साथ कांग्रेस मजबूत, 17 निर्दलीय बने
खैरथल (हीरालाल भूरानी) नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने शहर की सियासत की तस्वीर बदल दी है। 45 वार्डों के घोषित परिणाम में कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, जबकि भाजपा महज 8 सीटों पर सिमट गई। 17 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कर सत्ता की चाबी अपने हाथ में ले ली है।
नगर परिषद में बोर्ड गठन के लिए 23 पार्षदों का बहुमत जरूरी है। ऐसे में कांग्रेस बहुमत से केवल 3 सीट दूर है, जबकि भाजपा को बहुमत के लिए 15 और पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। दूसरी ओर 17 निर्दलीय पार्षदों का रुख अब खैरथल नगर परिषद की नई सत्ता का फैसला करने में सबसे अहम माना जा रहा है।
निर्दलीय बने किंगमेकर
कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में सामने आने के बावजूद स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर सकी है। ऐसे में अब नजरें 17 निर्दलीय पार्षदों पर टिक गई हैं। सभापति पद के चुनाव में निर्दलीयों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों और निर्दलीय पार्षदों के बीच संपर्क और बैठकों का दौर तेज होने की संभावना है।
भाजपा को लगा बड़ा झटका
चुनाव परिणाम भाजपा के लिए बड़ा झटका हैं। पार्टी को महज 8 वार्डों में जीत मिली। चुनाव से पहले सभापति पद की दौड़ में जिन नामों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं थीं, उनमें से कई दिग्गज अपनी सीट तक नहीं बचा पाए। इससे भाजपा की रणनीति और संभावित बोर्ड गठन को लेकर नई परिस्थितियां बन गई हैं।
कांग्रेस के सामने भी चुनौती
20 सीटों के साथ कांग्रेस सबसे मजबूत स्थिति में है, लेकिन बहुमत के लिए उसे अभी तीन पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में कांग्रेस के सामने भी सबसे बड़ी चुनौती निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में लाने की होगी। वहीं निर्दलीय पार्षदों के बीच से किसके साथ कितने लोग जाते हैं, यही नगर परिषद की सत्ता का अगला अध्याय तय करेगा।
45 वार्डों में किसे मिली जीत
परिणामों के अनुसार कांग्रेस के खाते में वार्ड 3, 4, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 18, 19, 20, 23, 24, 28, 29, 31, 39 और 41 गए।
भाजपा ने वार्ड 5, 16, 17, 30, 35, 37, 43 और 45 में जीत दर्ज की।
निर्दलीय प्रत्याशियों ने वार्ड 1, 2, 12, 14, 21, 22, 25, 26, 27, 32, 33, 34, 36, 38, 40, 42 और 44 में जीत हासिल की।
अब सबसे बड़ा सवाल - किसके हाथ आएगी सभापति की कुर्सी?
45 वार्डों के परिणाम ने खैरथल में सत्ता का समीकरण बेहद दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस 20, भाजपा 8 और निर्दलीय 17-इन आंकड़ों में फिलहाल सबसे मजबूत स्थिति कांग्रेस की है, लेकिन अंतिम फैसला निर्दलीयों के रुख पर निर्भर करेगा। अब खैरथल की सियासत में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 17 निर्दलीयों में से कितने किस खेमे के साथ जाएंगे और नगर परिषद की सभापति की कुर्सी किसके हिस्से आएगी?

