सिलीबेरी गेट पर सरिस्का प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों का हंगामा: पैदल यात्रियों को रोकने पर बढ़ा विवाद
पांडुपोल हनुमानजी मंदिर जाने वाले मार्ग पर बवाल, सिलीबेरी गेट पर सैकड़ों ग्रामीणों का प्रदर्शन
अलवर/ अनिल गुप्ता । सरिस्का टाइगर रिजर्व के सिलीबेरी गेट पर सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब पांडुपोल हनुमानजी के दर्शन के लिए जाने वाले पैदल यात्रियों को अंदर जाने से रोक दिया गया। बालेटा ग्राम पंचायत स्थित इस गेट पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु एकत्र हो गए और उन्होंने सरिस्का प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया।
पक्षपातपूर्ण रवैये पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि सरिस्का प्रशासन दोहरे मापदंड अपना रहा है। गेट से दंडवत यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को तो प्रवेश दिया जा रहा है, लेकिन सामान्य पैदल यात्रियों को रोका जा रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि दंडवत यात्रियों के लिए प्रवेश संभव है, तो सामान्य श्रद्धालुओं के लिए रोक क्यों?
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के उल्लंघन का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरिस्का प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के उन आदेशों की खुलेआम अनदेखी कर रहा है, जिनमें सिलीबेरी गेट से प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित करने की बात कही गई है। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर मिलीभगत और मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन रही है।
स्पष्ट नीति और निष्पक्षता की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रवेश को लेकर एक पारदर्शी और स्पष्ट नीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन हो और यदि नियम बने हैं तो वे सभी श्रद्धालुओं पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
"आस्था पर नियमों की दोहरी मार: सिलीबेरी गेट पर निष्पक्षता और सख्त नियमों के पालन की मांग को लेकर अड़े ग्रामीण।"

