विकसित भारत जनसेवा अभियान: भरतपुर में तीन दिवसीय 'आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम' की भव्य शुरुआत; आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान
तीन दिवसीय 'आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम' का हुआ भव्य शुभारंभ: भरतपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोद भराई, अन्न प्रसाद व प्रवेश उत्सव आयोजित; कार्यकर्ताओं का हुआ अभिनंदन
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
'विकसित भारत जनसेवा अभियान' के तहत भरतपुर जिले में तीन दिवसीय 'आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम' का शुक्रवार को उत्साहपूर्ण माहौल में शुभारंभ हुआ। 25 से 27 सितम्बर तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर विभिन्न जनकल्याणकारी एवं सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
जिला कलक्टर कमर चौधरी ने बताया कि 'आंगन मिलन अभियान' का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से आमजन और लाभार्थियों को महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं से जोड़ना है। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट सेवाएं दे रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं आशा सहयोगिनियों के अमूल्य योगदान को सम्मानित और प्रोत्साहित करना है।
त्यौंगा व नगला झीलरा में आंगनबाड़ी बहनों का सम्मान
अभियान के पहले दिन शहर के 'त्यौंगा' (मथुरा रोड) स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में महिला मोर्चा भरतपुर संभाग प्रभारी हंसीका गुर्जर एवं जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष कविता गोयल अग्रवाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं व आशा सहयोगिनियों का माला पहनाकर और तुलसी का पौधा भेंट कर अभिनंदन किया। इसके साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का फोटो फ्रेम भी प्रदान किया गया।
इसी क्रम में पंचायत समिति सेवर के 'नगला झीलरा' (रामपुरा) केंद्र में पार्षद रेखा मित्तल, अर्जुन सिंह और कविता गोयल की उपस्थिति में आंगनबाड़ी बहनों का सम्मान किया गया। दोनों स्थानों पर गर्भवती माताओं की गोद भराई, छोटे बच्चों का प्रवेश उत्सव, अन्न प्रसाद वितरण तथा उपस्थित लाभार्थियों के साथ सीधा संवाद आयोजित किया गया। बच्चों को केले, चॉकलेट व बिस्किट वितरित किए गए।
प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रमों में आईसीडीएस उप निदेशक सिकरामा राम चोयल, सीडीपीओ मधु सक्सेना, सीडीपीओ अनिल फौजदार, सुपरवाइजर ममता जैन व दिलीप गुप्ता, बीसी एनएनएम विजेंद्र पुनिया, प्रधानाचार्य भारती गुप्ता, प्रधानाध्यापक अरविंद चौधरी, चिकित्सक दुष्यंत शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, शहरी नागरिक, गर्भवती व धात्री माताएं और आंगनबाड़ी के बच्चे उपस्थित रहे।

