खेड़ली में विद्यार्थियों को यौन उत्पीड़न, बाल अधिकार और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी
कठूमर (दिनेश लेखी)
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलवर के अध्यक्ष अनंत कुमार भंडारी और सचिव मोहनलाल सोनी के दिशा-निर्देशन में, तालुका विधिक सेवा समिति कठूमर की ओर से मंगलवार को जीएस इंग्लिश मीडियम स्कूल, खेड़ली में एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विद्यालय के करीब 60 विद्यार्थियों ने भाग लिया और विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्राप्त की।
पॉक्सो अधिनियम और बाल अधिकारों पर विशेष जोर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पीएलवी वीरेंद्र कुमार नूंगरवार ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और पॉक्सो अधिनियम 2012 के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए यह अधिनियम बनाया गया है। किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की स्थिति में बच्चे की बात को गंभीरता से लेते हुए उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बच्चों को जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समानता के अधिकारों के साथ-साथ बाल श्रम, बाल विवाह, भेदभाव व हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति भी जागरूक किया। साथ ही, रैगिंग पर प्रतिबंध और भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार की जानकारी दी गई।
साइबर सुरक्षा और निःशुल्क विधिक सहायता
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को आज के डिजिटल युग में साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए। उन्हें सुरक्षित इंटरनेट का उपयोग करने, अपनी व्यक्तिगत जानकारी व पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी गई। इसके अलावा, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की डीएडब्ल्यूएन योजना और जरूरतमंदों को मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्य सुरुचि कुमारी ने इस जागरूकता पहल में पूरा सहयोग प्रदान किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग करना और विभिन्न समस्याओं से बचाव के लिए तैयार करना रहा।

