1 अक्टूबर से बदलेंगे जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम; एक साल से अधिक देरी होने पर मजिस्ट्रेट की अनुमति होगी अनिवार्य

Sep 29, 2026 - 19:26
 0
1 अक्टूबर से बदलेंगे जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम; एक साल से अधिक देरी होने पर मजिस्ट्रेट की अनुमति होगी अनिवार्य

भरतपुर / कोशलेन्द्र दत्तात्रेय, 29 सितम्बर। केन्द्र सरकार द्वारा जारी जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधान आगामी 1 अक्टूबर  गुरूवार से भरतपुर जिले में प्रभावी होंगे। संशोधित प्रावधानों के तहत जन्म अथवा मृत्यु की घटना के निर्धारित समय में पंजीयन नहीं कराने पर विलंबित पंजीयन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। जिला कलक्टर एवं अतिरिक्त मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) कमर चौधरी ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को संशोधित प्रावधानों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि संशोधित प्रावधानों के अनुसार यदि किसी जन्म अथवा मृत्यु की घटना की सूचना घटना के एक वर्ष बाद, लेकिन दो वर्ष के भीतर दी जाती है, तो ऐसी घटना का सीधे पंजीयन नहीं किया जा सकेगा। धारा 13(3) के तहत संबंधित क्षेत्राधिकार के प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा घटना की शुद्धता का सत्यापन किया जाएगा। मजिस्ट्रेट द्वारा आदेश जारी किए जाने तथा निर्धारित शुल्क जमा किए जाने के बाद ही रजिस्ट्रार द्वारा जन्म अथवा मृत्यु का पंजीयन किया जा सकेगा।
दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश अनिवार्य
जिला कलक्टर ने बताया कि यदि जन्म अथवा मृत्यु की घटना को दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, तो ऐसे मामलों में प्रक्रिया और अधिक निर्धारित एवं सत्यापन आधारित होगी। धारा 13(3।) के अंतर्गत संबंधित क्षेत्राधिकार के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा घटना की शुद्धता का सत्यापन कर आदेश जारी किए जाने के बाद ही पंजीयन किया जा सकेगा। इसके लिए भी निर्धारित शुल्क रजिस्ट्रार को देय होगा। उन्होंने बताया कि संशोधित नियमों की प्रभावी पालना के लिए उपखण्ड अधिकारियों, तहसीलदारों, नगर निगम आयुक्त, नगरपालिकाओं के अधिशाषी अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जन्म एवं मृत्यु पंजीयन का कार्य संशोधित प्रावधानों के अनुरूप ही किया जाए। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही करवाएं, ताकि भविष्य में विलंबित पंजीयन की अतिरिक्त प्रक्रिया एवं संबंधित प्राधिकरणों से सत्यापन की आवश्यकता से बचा जा सके। समय पर पंजीयन करवाने से नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं दस्तावेजी कार्यों में भी सुविधा मिलेगी।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी [email protected] या वाट्सएप न 8094612000 पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................