भरतपुर:63 क्विंटल गेहूं का गबन, रूपवास के राशन डीलर का लाइसेंस निरस्त, एफआईआर के निर्देश
भरतपुर/ कोशलेन्द्र दत्तात्रेय / 31 अक्टूबर।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाले सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ जिला रसद विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। रूपवास तहसील की ग्राम पंचायत मालोनी में सरकारी गेहूं का गबन करने के मामले में उचित मूल्य दुकानदार (कोटेदार) प्रीतम सिंह का प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही उसकी संपूर्ण प्रतिभूति राशि भी राजहित में जब्त कर ली गई है।
स्टॉक मिलान में हुआ था बड़ा खेल
जिला रसद अधिकारी कुशाल बिलाला ने बताया कि विभागीय जांच (प्रकरण संख्या 18/2026) में स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाई गई। प्रवर्तन निरीक्षक रूपवास गुरप्रीत सिंह द्वारा किए गए निरीक्षण और स्टॉक हस्तांतरण के दौरान पोस मशीन के रिकॉर्ड के मुताबिक दुकानदार के पास 139 क्विंटल 78 किलो 200 ग्राम गेहूं होना चाहिए था। लेकिन, नए राशन डीलर को केवल 76 क्विंटल 75 किलो गेहूं ही सौंपा जा सका। मौके पर 63 क्विंटल 3 किलो 200 ग्राम गेहूं कम मिला, जिसकी पुष्टि गबन के रूप में हुई। सुनवाई के दौरान डीलर ने बीमारी का हवाला देकर समय मांगा था, जिसे विभाग ने खारिज कर दिया।
कड़ी रिकवरी और FIR के निर्देश
जिला रसद अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आरोपी दुकानदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दे दिए गए हैं। गबन किए गए 63.032 क्विंटल गेहूं की खाद्य सुरक्षा भत्ता दर (3,231.25 रुपये प्रति क्विंटल) के हिसाब से कुल 2,03,672.15 रुपये की वसूली की जाएगी। इस राशि की भरपाई के लिए तहसीलदार रूपवास को राजस्थान लोक मांग वसूली अधिनियम, 1952 के तहत संपत्ति की कुर्की और नीलामी का मांग-पत्र भेज दिया गया है।
लाभार्थियों को नहीं होगी परेशानी
विभाग ने आश्वस्त किया है कि मालोनी पंचायत के राशनकार्ड धारकों को खाद्यान्न मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है। साथ ही, जल्द ही नई उचित मूल्य दुकान के आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिला प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि गरीबों के हक के अनाज में हेराफेरी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

